बुरहानपुर जिले में एशियन वाटर बर्ड सेंसस 2026 के तहत पहली बार बर्ड सर्वे कराया गया। वन विभाग के सहयोग से हुए इस सर्वे में 10 तालाबों से पक्षियों की वास्तविक जानकारी जुटाई गई। सर्वे के दौरान भगवंत सागर डैम में अकेले 73 प्रजाति के कुल 710 पक्षी देखे गए। पूरे बुरहानपुर वन मंडल में 10 तालाबों के सर्वे में कुल 1960 पक्षी दर्ज किए गए। खास बात यह है कि मप्र में पहली बार इस तरह का सर्वे कराया गया है। इन तालाबों के किनारे मिले दुर्लभ पक्षी
यह सर्वे ई-बर्ड ऐप के माध्यम से किया गया। सर्वे में भगवंत सागर डैम, भूतिया देव तालाब, ताप्ती नदी, चिड़ियापानी तालाब, भावसा डैम, धामनगांव तालाब, शंकरपुरा तालाब, रंगई तालाब, सांवली जलाशय और मोतियादेव तालाब शामिल थे। भगवंत सागर जलाशय में सबसे अधिक पक्षी प्रजातियां पाई गईं। विलुप्त प्रजातियों के संरक्षण के लिए है सर्वे
इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में विलुप्त हो रही पक्षी प्रजातियों की पहचान करना है, ताकि वन विभाग इनके संरक्षण के लिए आगे कदम उठा सके। नेपानगर एसडीओ विक्रम सुलिया ने बताया कि एशियन वॉटर बर्ड सेंसस 2026 के तहत यह सर्वे ई-बर्ड ऐप से हुआ। यह सर्वे 3 और 4 जनवरी को होना था, लेकिन जिले में एक ही दिन में पूरा कर लिया गया। डीएफओ विद्याभूषण सिंह ने जानकारी दी कि वन विभाग ने पर्यावरण प्रेमियों और आमजन के सहयोग से यह सर्वे कराया। वन मुख्यालय भोपाल से मिले निर्देशों के बाद यह कार्य किया गया। सर्वे दल में तीन सदस्य शामिल थे: एक पक्षी पहचानने वाला, एक ऐप चलाने वाला और एक सहयोगी। अब इन पक्षियों के संरक्षण के प्रयास किए जाएंगे, जिसके लिए मुख्यालय स्तर से योजना आएगी। देखिए तस्वीरें


