बुरहानपुर के लोखंडिया स्थित सिद्ध तीर्थ श्री मोती माता मंदिर में प्रथम पुजारी केशव साद महाराज के नवनिर्मित मंदिर में मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वज-कलश स्थापना का तीन दिवसीय महोत्सव पूरा हो गया है। महोत्सव का शुभारंभ यज्ञ के साथ किया गया था। यह महोत्सव महामंडलेश्वर 1008 श्री संत सरसपुरी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया गया। तीन दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के दौरान प्रतिदिन विभिन्न अनुष्ठान और कार्यक्रम हुए। प्रथम पुजारी केशव साद महाराज की प्रतिमा स्थापित अभिजित मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा की गई। नवनिर्मित मंदिर में मोती माता देवी के प्रथम पुजारी केशव साद महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई। इसके साथ ही मंदिर के शिखर पर ध्वजा और स्वर्ण कलश की भी स्थापना की गई। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद दोपहर में महाप्रसादी का आयोजन किया गया। मंदिर के पुजारी बाबू महाराज ने बताया कि माता ने सर्वप्रथम अपने प्रथम पुजारी केशव साद महाराज को स्वप्न में दर्शन देकर यहां प्रकट होने की बात कही थी। इसके बाद माता ने केशव साद महाराज को साक्षात् दर्शन दिए थे, तभी से माता की स्वयंभू प्रतिमा यहां स्थापित है। भजन-सत्संग का कार्यक्रम भी हुआ प्राण-प्रतिष्ठा और कलश स्थापना के अवसर पर एक दिवसीय सत्संग का भी आयोजन किया गया। इसमें नर्मदेश्वर महादेव आश्रम बाड़ाटांडा के 1008 श्री संत सरसपुरी महाराज ने प्रवचन दिए, जिसमें उन्होंने माता जी की महिमा का बखान किया और भजन सुनाए। इस अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष लक्ष्मण झामु, पुजारी बाबू महाराज, ट्रस्ट सचिव प्रकाश राठौड़, सदस्य ईश्वर जाधव, पंडित रसाल, गणेश महाराज, रामकिसन चौहान, हजारीप्रसाद चौहान, घनश्याम पवार, पूर्व राज्य मंत्री संजय जाधव, हिरा महाराज, विलास महाराज, विजय राठौड़ मौजूद रहे।


