बूंदी में किसानों ने खाद की किल्लत और नहरी पानी की समस्या को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया। देईखेड़ा थाने में कार्यवाहक थानाधिकारी कन्हैयालाल मीणा को ज्ञापन सौंपा गया। देईखेड़ा बस स्टैंड स्थित यात्री विश्राम गृह में कई गांवों के किसान एकत्र हुए। इनमें देईखेड़ा, लबान, चहिचा, रामगंज, खरायता, पापड़ी, बड़ाखेड़ा, कोटड़ी और मालिकपुरा के किसान शामिल थे। किसानों ने बताया कि धान की फसल नाजुक अवस्था में है। इस समय डीएपी खाद और सिंचाई के लिए नहरी पानी जरूरी है। किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों और डीलरों के पास खाद उपलब्ध नहीं है। वे कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। नहरी पानी भी क्षेत्र तक नहीं पहुंच रहा है। इससे धान की फसल खतरे में है। जिला परिषद सदस्य कृष्णचन्द्र वर्मा और खरायता सरपंच बद्रीलाल मीणा के नेतृत्व में किसानों ने थाने में प्रदर्शन किया। कोटा संभागीय आयुक्त और बूंदी जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। किसानों ने क्षेत्र में तुरंत खाद की उपलब्धता और नहरों में पानी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि 5 दिन में समाधान नहीं होने पर वे उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान मौजूद किसान देईखेड़ा व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश व्यास पूर्व डायरेक्टर हेमराज मीणा पूर्व सरपंच बुद्धि प्रकास मीणा नहर अध्यक्ष शम्भू दयाल मीणा लखन मीणा किसान नेता महेश मीणा पूर्व सरपंच गिरिराज मीणा पूर्व सरपंच अशोक मीणा योगराज सैनी बद्री लाल राजेन्द्र मीणा महेंद्र नरवाल सी पी मीणा हरिप्रसाद मुकेश सुभास वर्मा ओम प्रकाश राधेश्याम सुरेश रामचरण आदि किसानों एक स्वर में कहा कि “खेती-किसानी ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, ऐसे में खाद और पानी के बिना फसल बचाना असंभव है।” किसानों का कहना है कि लगातार लापरवाही से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है।


