बूंदी में गुर्जर समाज में एक निजी समिति द्वारा कराए जा रहे जिला स्तरीय चुनावों को लेकर गहरा असंतोष है। समाज के विभिन्न वर्गों, जिनमें वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं शामिल हैं, इन सभी ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। समाजजनों का कहना है कि निजी समिति एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के चुनावों को समाज के मंदिर का चुनाव बताकर जबरन जिलाध्यक्ष घोषित कर रही है। उनका दावा है कि समाज में पहले से ही रामस्वरूप धगल को सर्वसम्मति से जिलाध्यक्ष चुना जा चुका है। समाज के लोगों ने रोष व्याप्त
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ युवकों पर समाज की महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और मारपीट करने का भी आरोप लगा है। इस घटना से समाज के लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और यह कुछ चुनिंदा लोगों के हितों को साधने के लिए संचालित की जा रही है। उनका मानना है कि इससे समाज में आपसी मतभेद बढ़ रहे हैं, जो समाज की एकता के लिए हानिकारक हो सकते हैं। विरोध कर रहे समाज के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि गुर्जर समाज लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता है। उन्होंने मांग की है कि निजी समिति के जिला स्तरीय चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से कराए जाएं, जिसमें समाज के सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित हो।


