बूंदी में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। चाइल्ड-लाइन टीम ने संबंधित विभागों के साथ मिलकर स्कूलों और विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों में ये कार्यक्रम चलाए। इनका मुख्य उद्देश्य समाज को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और इसकी रोकथाम में जनभागीदारी के महत्व से अवगत कराना था। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जिलेभर में लगभग 4 से 5 हजार लोगों को जागरूक किया गया। उन्हें बाल विवाह न करने, इसकी किसी भी सूचना को समय पर संबंधित विभागों तक पहुंचाने और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत होने वाली दंडात्मक कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और आमजन को बाल विवाह के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई गई। उन्होंने स्वयं बाल विवाह न करने, दूसरों को इसके प्रति जागरूक करने और किसी भी बाल विवाह की सूचना प्रशासन को देने का संकल्प लिया। सभी ने एकजुट होकर भविष्य में ‘बाल विवाह मुक्त बूंदी’ बनाने में सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया। चाइल्ड-लाइन की यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य बाल अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना और बच्चों के लिए सुरक्षित भविष्य का निर्माण करना है। बाल विवाह की रोकथाम केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। आमजन से अपील की गई है कि वे सजग और जागरूक होकर बाल विवाह की किसी भी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें। इससे प्रशासन, समाज और परिवार मिलकर ‘बाल विवाह मुक्त बूंदी’ के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे।


