बेगम बाग, अंडा गली, तोपखाना के नाम बदलने की मांग:उज्जैन में सांसद, पुजारी और महामंडलेश्वर ने कहा- आक्रमणकारियों के दिए नाम बदले जाएं

उज्जैन में सीएम मोहन यादव द्वारा तीन गांवों के नाम बदलने के बाद अब महाकाल मंदिर क्षेत्र के नाम बदलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। उज्जैन के सांसद, महाकाल मंदिर के पुजारी-पुरोहित और महामंडलेश्वर ने मांग की है कि मंदिर से लगे क्षेत्रों, जैसे बेगम बाग, अंडा गली और तोपखाना के नाम बदले जाएं। इसके साथ ही सांसद अनिल फिरोजिया ने फतियाबाद गांव का नाम बदलने की भी मांग उठाई है। उज्जैन के पंचायतों के नाम बदले दो दिन भी नहीं हुए थे कि अब उज्जैन शहर के अलग अलग इलाकों के नाम बदलने की मांग उठने लगी। भगवान महाकाल की नगरी में देश भर से श्रद्धालु मंदिर पहुंचते है। लेकिन मंदिर से लगे क्षेत्र जैसे बेगम बाग, अंडा गली और तोपखाना क्षेत्रों के नाम बदलने की मांग अब तेज हो गई है। शहर के जनप्रतिनिधि, पुजारी और महामंडलेश्वर भी महाकाल मंदिर के आसपास के क्षेत्रों के नाम बदलने की मांग करने लगे हैं। सभी का मानना है कि देवास गेट बस स्टैंड पर उतरकर श्रद्धालु जब महाकाल मंदिर आते हैं तो मंदिर से लगे बेगम बाग, तोपखाना जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है या फिर यहां उतरकर मंदिर में प्रवेश करना पड़ता है। ऐसे में मंदिर के आसपास के क्षेत्रों का नाम बदलना चाहिए। सांसद फिरोजिया बोले- गजनी खेड़ी कलंकित नाम था सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा, ‘सीएम का आभार, जिन्होंने 3 पंचायतों के नाम बदल दिए। गजनीखेड़ी, जो एक कलंकित नाम था, अब चामुंडा माता नगरी कर दिया है। उन्होंने आगे कहा, “उज्जैन शहर के लिए मैंने एक और मांग रखी है, जिसे दिशा की बैठक और सीएम से भी आग्रह किया था कि देवास गेट बस स्टैंड से महाकाल मंदिर तक जाने वाले मार्ग का नाम ‘महाकाल लोक मार्ग’ होना चाहिए। वर्तमान में इस मार्ग के हिस्से बेगम बाग और अंडा गली जैसे नाम हैं, जो कई बार देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भ्रमित करते हैं। क्या तोपखाना, अंडा गली ये भी कोई नाम है। दुष्ट आक्रमणकारियों ने हमारा नुकसान किया था। सांसद ने कहा कि मेरी एक और मांग है कि उज्जैन के पास स्थित बड़े कस्बे फतियाबाद का नाम भी बदलकर देवी माता के नाम पर रखा जाना चाहिए। ‘बेगम बाग का नाम बदलकर महाकाल वन करें’ महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने कहा कि – महाकाल मंदिर के आसपास के क्षेत्र को महाकाल वन या महाकाल क्षेत्र का नाम देना चाहिए। अब कोई बेगम का राज नहीं है। यहां बेगम बाग का क्या मतलब?। ‘यहां पर अब कोई बेगम का वजूद नहीं’ महाकाल मंदिर परिसर के गणेश मंदिर के पुजारी चम्मू गुरु ने कहा कि, सीएम का आभार, जिन्होंने सालों से चली आ रही मांग को पूरा किया। अवंतिका की नगरी में महाकाल के दर्शन करने आने वाले भक्तों को बेगम बाग होते हुए आते हैं जो की महाकाल मंदिर से ठीक लगा हुआ है। यहां पर तो बेगम का वजूद नहीं है। महामंडलेश्वर शैलशानंद जी ने कहा कि महाकाल मंदिर के पास बेगमबाग़ और अंडा गली जैसे नाम से प्रभाव अच्छा नहीं पड़ता है, तत्काल इनका नाम बदलकर वैदिक नाम या किसी वैज्ञानिक के नाम पर रख देना चाहिए। पांच साल पहले भी उठी थी मांग सन 2020 में उज्जैन के बेगम बाग इलाके में हिन्दू संगठन की रैली पर पथराव की घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों ने बेगम बाग का नाम बदलकर भीमराव अंबेडकर नगर रखने की मांग की थी। कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में एकत्रित होकर ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय भी पहुंचे थे। CM मोहन यादव ने तीन पंचायतों के नाम बदले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले की 3 पंचायतों के नाम बदलने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गजनी खेड़ी पंचायत का नाम चामुंडा माता नगरी, मौलाना गांव का नाम विक्रम नगर और जहांगीरपुर का नाम जगदीशपुर ​होगा। पढ़िए पूरी खबर।

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