महिला एसआई और आरक्षक के प्रेम प्रसंग मामले में मंगेतर ने आत्महत्या की। आत्महत्या के 15 दिन बाद उसकी मां एसपी समीर सौरभ से मुलाकात कर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एसआई के बेटे के साथ पिछले 5 साल पुराने संबंध थे। वह दोनों पति-पत्नी की तरह रहते थे। एसआई और आरक्षक को जब वकील बेटे ने एक कमरे में आपत्तिजनक हालत में देखा। उसके बारे में पुलिस को बताया तो उसकी सुनवाई नहीं की गई। आरोप है कि पुलिस ने एसआई का पक्ष लिया। उन्होंने पुलिस की इस तरह की कार्यप्रणाली को दोषी बताया। साथ ही महिला एसआई और आरक्षक प्रेमी पर कार्यवाही करने की मांग की। एसपी ने तक नहीं कि सुनवाई
मृतक मृत्यंजय चौहान की मां शिवकुमारी के अनुसार मुरैना पुलिस को पूरी जानकारी थी घटना के बाद मेरा बेटा सुधार उधर फिरता रहा एसपी को भी वाट्स अप किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई बल्कि ग्वालियर बैठी उस महिला एसआई की एफआईआर ग्वालियर में हो गई। सरप्राइज देने पहुंचा था वकील
वकील मृत्युंजय चौहान की 30 सितंबर को शादी होने वाली थी। 12 दिसम्बर को मृत्युंजय शादी से पहले अपनी मंगेतर को सरप्राइज देने पहुंचा था। तब उसे आरक्षक के साथ वह आपत्तिजनक हालत में मिली थी। जिससे बाद विवाद हुआ। मृत्युंजय की मां ने बताया कि इस बात की शिकायत करने वह एसपी से करने पहुंचा लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। जिससे विवाद हुआ और मुरैना पुलिस ने उसकी नहीं सुनी तो उसने आत्म हत्या कर ली। एसपी मुरैना समीर सौरभ के अनुसार फांसी लगाने का घटना क्रम ग्वालियर का है। ग्वालियर पुलिस जांच कर रही है। बाकी मुरैना पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है जो भी न्यायसंगत होगा कार्यवाही करेंगे। यह खबर भी पढ़ें
वकील बोला- तुम्हारा पति मेरी मंगेतर के कमरे में था मुरैना पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर से शुरू हुआ विवाद वकील की मौत के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला एसआई, उसका मंगेतर ग्वालियर का वकील और एक आरक्षक, तीनों के बीच 12 दिसंबर की रात जो कुछ हुआ, उसकी परतें अब कॉल रिकॉर्डिंग के जरिए खुल रही हैं। वकील मृत्युंजय चौहान ने मौत से पहले आरक्षक और उसकी पत्नी को फोन किया था। बातचीत में उसकी बेचैनी, गुस्सा और टूटता हुआ भरोसा साफ सुना जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें


