पुलिस पर हमले में गई थी ASI की जान:सायबर ठगी से परेशान महिला ने किया सुसाइड; मऊगंज में साल की पांच बड़ी घटनाएं

मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में साल 2025 कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए चर्चा में रहा। इस दौरान सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दे विशेष रूप से चर्चा में रहा। गड़रा कांड हिंसक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था, साइबर ठगी से एक शिक्षिका की जान चली गई थी। स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली थी। अलग-अलग हादसों और घटनाओं ने प्रशासन, समाज और आम नागरिकों को सतर्क होने का संदेश दिया, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। आइए जानते हैं वो बड़ी घटनाएं, जिनके लिए मऊगंज चर्चा में रहा- 6 जनवरी 2025: साइबर ठगी से महिला टीचर ने गंवाई जान साइबर जालसाजों के चंगुल में फंसकर जान गंवाने वाली टीचर रेशमा पांडे (35) का एक ऑडियो दैनिक भास्कर को मिला था। इसमें लेडी टीचर को जालसाज धमकाने का मामला सामने आया था। टीचर रोते हुए ठगों को अपनी मजबूरी बताकर कह रही है कि उसने अपना और बच्चों का पेट काटकर एक-एक पैसा जमा किया है। उसके पास देने के लिए अब रुपए नहीं हैं लेकिन बदमाशों ने एक नहीं सुनी। ठगों ने खुद को जांच एजेंसी और बैंक अधिकारी बताकर उन्हें पैसों का लालच दिया और फिर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपए ठग लिए थे। बार-बार मना करने के बाद भी आरोपियों ने टीचर से रुपए मांगे। जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो रेशमा ने सुसाइड कर लिया था। 7 जनवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। थर्ड डिग्री पूछताछ में आरोपियों ने अपने नेटवर्क और लोगों को ठगने का तरीका बताया। अपने एक अन्य सहयोगी का नाम भी बताया है। यह घटना डिजिटल अपराधों के भयावह परिणामों का एक उदाहरण बनी। 16 मार्च 2025: पुलिसवालों पर हमला, ASI की मौत, तहसीलदार के हाथ-पैर तोड़े जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में आदिवासी परिवार ने एक युवक को बंधक बनाकर पीटा था। उसे बचाने पहुंचे टीआई समेत पुलिस की टीम पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया गया था। हमले में एक एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत हो गई थी। टीआई संदीप भारती के सिर पर गंभीर चोट आई थी। वहीं, हनुमना तहसीलदार कुमारे लाल पनका को भी पीटा गया था, जिसमें उनके हाथ-पैर में फ्रैक्चर है। इसके अलावा 8 और पुलिसकर्मी हमले में घायल हो गए थे। घटना के बाद गांव में धारा 163 लगाई गई थी। भारी पुलिस फोर्स तैनात मऊगंज कलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि दो गुटों के बीच विवाद को लेकर गांव वाले इकट्‌ठा हो गए थे। गांव में एहतियातन धारा 163 (पहले धारा 144 थी) लगा दी गई है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में भी लिया है। 17 मार्च 2025: पिता का फोन आया, रात को मौत की खबर, बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे ASI आदिवासी परिवार के हमले में शहीद हुए एएसआई रामचरण गौतम अपने बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे। वारदात वाले दिन सुबह छोटे बेटे धीरेंद्र को कॉल भी किया था। रात को उनकी मौत की खबर आ सामने आई थी। परिवार वाले चाहते थे कि आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए। दरअसल, 15 मार्च को मऊगंज के गड़रा गांव में आदिवासियों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। पुलिसकर्मी आदिवासियों द्वारा बंधक बनाए गए सनी द्विवेदी को छुड़ाने गए थे। आरोपियों ने सनी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। हमले में एएसआई रामचरण गौतम की मौत हो गई जबकि 13 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। 6 जून 2025: रीवा हादसे में एक साथ 3 पीढ़ियों की मौत, एक साथ जलीं पिता-बेटे और पोते की चिता रीवा में सीमेंट पिलर से लदा एक बल्कर ट्रक ऑटो पर पलट गया था। हादसे में ऑटो सवार 7 लोगों की मौत हो गई थी। जिसमें 4 लोगों की मौके पर ही जान चली गई। वहीं एक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था। 2 लोगों की इलाज के दौरान सांसें थम गईं थी। 3 लोग अस्पताल में भर्ती थे। इस हादसे ने कई घर एक साथ उजाड़ दिए था। एक परिवार में तीन पीढ़ियों की एक साथ मौत हो गई थी। दादा, माता-पिता और नाती-पोते एक ही जगह मौत हो गई थी। चारों का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट पर किया गया था। सभी चिताएं अलग-अलग जलाई गईं थी। 26 अक्टूबर 2025: बिना पर्चे दवा देने पर मेडिकल सील; 5 महीने के बच्चे की मौत के बाद कार्रवाई जिले के खटखरी गांव में बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा देने पर एक मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। पांच महीने के शिशु की मौत के मामले में विनोद मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया था। संचालक जितेंद्र कुमार गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने बताया था कि दुकानदार ने चिकित्सकीय परामर्श के बिना बच्चे को दवा दी थी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई थी। इस घटना की जांच सीएमएचओ डॉ. संजीव शुक्ला और हनुमना एसडीएम श्रीमती रश्मि चतुर्वेदी के नेतृत्व में की गई थी। अधिकारियों ने बच्चे की मां श्वेता यादव से जानकारी लेने के बाद कार्रवाई की थी।

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