पन्ना जिले में यूरिया खाद की किल्लत के विरोध में किसानों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट के सामने पन्ना-अजयगढ़ मुख्य मार्ग जाम कर दिया। किसानों का आरोप है कि खाद गोदाम से उन्हें खाली हाथ लौटाया जा रहा है, जिससे वे कई दिनों से भटक रहे हैं। कलेक्ट्रेट के सामने अचानक हुए इस चक्काजाम से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं, जिनमें बसें, ट्रक और निजी वाहन घंटों फंसे रहे। कड़ाके की ठंड के बावजूद किसान सड़क पर डटे रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलने पर तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने किसानों को समझा-बुझाकर जल्द खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने जाम समाप्त कर दिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें 22 दिसंबर से 30 दिसंबर तक के लिए खाद के टोकन जारी किए थे, लेकिन जब वे खाद लेने गोदाम पहुंचे तो वहां ताले लटके मिले। किसानों के अनुसार, पिछले दो दिनों से पन्ना में यूरिया का स्टॉक खत्म है, जबकि इस समय खेतों में खड़ी फसलों को खाद की सख्त आवश्यकता है। किसान देवीसिंह राजपूत ने बताया, “हम सुबह 4 बजे से कड़ाके की ठंड में लाइन में लगते हैं, लेकिन शाम को कह दिया जाता है कि खाद खत्म हो गई। टोकन लेकर क्या हम उसे खाएंगे?” किसान झुल्ला कुशवाहा ने कहा, “प्रशासन को हमारी चिंता नहीं है। टोकन की तारीख निकल रही है और यूरिया उपलब्ध नहीं है।” एक अन्य किसान रघुनाथ चौधरी ने कहा, “जब तक खाद नहीं मिलेगी, हम सड़क से नहीं हटेंगे। किसानों की मेहनत बर्बाद हो रही है।”


