मंदसौर के ज्वाइंट कलेक्टर राहुल चौहान पर दहेज प्रताड़ना केस में अब और भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। उनकी पत्नी निर्मला का कहना है कि पति ने प्रताड़ना की सारी सीमाएं तोड़ दीं। आरोप है कि गुड़ में गर्भपात की गोलियां मिलाकर दी गईं और एक प्राइवेट अस्पताल में योजनाबद्ध तरीके से उनका गर्भपात कराया गया। निर्मला का दावा है कि वेंटिलेटर पर होने के दौरान पति उनके कान में आकर कहते थे- “इतनी प्रताड़ना के बाद भी तू मरती क्यों नहीं?”उन्होंने ‘दैनिक भास्कर’ से अपनी पीड़ा साझा की और बताया कि उन्होंने टीआई से लेकर PMO तक शिकायतें की हैं, जिनके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। इन्हीं में से खास घटनाक्रम निर्मला ने बताए और कहा कि जब पति खुद ही सीएम हेल्प लाइन के प्रभारी है तो उनके दबाव-प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। जानिए प्रताड़ना के ये घटनाक्रम – निर्मला का कहना है कि 2018 में जब सोशल मीडिया से दोस्ती हुई थी और जब शादी की बात हुई तो वे अच्छी बातें करते थे। फिर शादी और फिर नौकरी में कद बढ़ने के बाद उन्होंने हद कर दी। उनका आरोप है कि अस्पताल में एडमिट होने की जरूरत भी नहीं थी फिर भी पति के दोस्त के माध्यम से इंदौर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया। इसके पूर्व किसी महिला डॉक्टर को नहीं दिखाया। वहां मुझे स्लाइन के नाम बोतल लगाई गई। इसके बाद मुझे गर्भपात के सिम्टम्स शुरू हो गए और गर्भपात हो गया। इस दौरान मेरी मां को भी नहीं बताया गया। – निर्मला का कहना है कि इसके बाद में बॉम्बे हॉस्पिटल में 35 दिन एडमिट रही। इसमें से 20 दिन वेंटिलेटर पर थी। ये दस्तावेज मेरी व्यथा के अहम सबूत हैं। – शादी के बाद पति खरगोन, बड़वाह, मनावर, धार, धरमपुरी और सरदारपुर में पदस्थ रहे। इस दौरान वे अकसर शराब पीकर आते थे और छोटी-छोटी बात पर गालियां देकर मारपीट करते थे।
– मुझे ऐसे सरकारी क्वार्टर में रखा जाता था, जहां पानी, राशन तक नहीं रहता था। एक बार घरेलू विवाद में मारपीट के साथ मेरी गर्दन पर रसोई का चाकू रख दिया और जान से मारने की धमकी दी। मैं वहां से भागी तो रास्ते में फिर एक व्यक्ति ने मेरी मां को फोन लगाकर मदद की। यह घटना कोरोना काल की है।
– निर्मला का कहना है कि उनके साथ रहने के दौरान उन्हें कई ऐसी आपत्तिजनक चीजें मिली, इससे पता चला कि पति के अन्य महिलाओं से संबंंध हैं। वे कई दिनों तक घर से बाहर रहते थे और कहां जाते थे, कुछ नहीं बताते थे। – धामनोद में मराल फैक्ट्री के गेस्ट हाउस में अकेले आने की बात पर मुझे बाल पकड़कर घसीटा और खूब मारपीट की। भरण-पोषण का मामला फिर फैमिली कोर्ट रेफर, हाई कोर्ट ने दिया आदेश निर्मला के एडवोकेट प्रवीण कचोले ने बताया कि इतनी प्रताड़ना के बावजूद पुलिस ने सिर्फ दहेज प्रताड़ना के मामले में केस दर्ज किया है। इसके खिलाफ वे कोर्ट में आवेदन देंगे और पूरक चालान पेश करवाने का प्रयास कर गंभीर धाराएं बढ़वाई जाएंगी। खासकर पत्नी का जो अबॉर्शन हुआ है वह साधारण घटना नहीं थी, उसे योजनाबद्ध तरीके से करवाया गया है। जब गुड़ में दी गई गर्भपात की गोली असरकारक नहीं रही तो ड्रिप चढ़ाकर अबॉर्शन करने की कोशिश की। उस दौरान कोरोना काल था। ऐसी शंका है कि पति का उद्देश्य उसकी जान लेना था। वेंटिलेटर पर होने के बाद भी पत्नी के कान में आकर यह कहना कि तू मर क्यों नहीं रही, इससे क्या साबित होता है।
एडवोकेट कचोले ने बताया कि पति राहुल चौहान के खिलाफ भरण पोषण के मामले में फैमिली कोर्ट में दो साल तक सुनवाई चली। फिर कोर्ट ने इसे इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि इसमें पता सरदारपुर का लिखा हुआ था। इस मामले में हाल ही में 25 नवंबर को इंदौर हाई कोर्ट ने उसे रिस्टोर करने के साथ दोनों पक्षों को 1 दिसंबर को फैमिली कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। पत्नी, सास ने मुझे किया प्रताड़ित, 1 करोड़ की डिमांड मामले में पति राहुल चौहान ने सारे आरोपों को झुठलाया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट जो भी आदेश देगा, वह स्वीकार है। मैं साढ़े तीन साल से पत्नी से अलग हूं और तलाक का केस चल रहा है। निर्मला का परिवार काफी गरीब है। यहां तक कि उनका खुद का मकान भी नहीं है। मेरी पत्नी और सास ने मुझे काफी प्रताड़ित किया। उन्होंने मेरे खिलाफ घरेलू हिंसा का केस लगाया जो कोर्ट में चल रहा है। मैं उन्हें हर माह 15 हजार रु. दे रहा हूं। अब ये अंतरिम आदेश के खिलाफ ज्यादा की मांग कर रहे हैं। दोनों मुझसे एक करोड़ की डिमांड कर रहे हैं। मैं शासकीय सेवक हूं, इतना रुपया कहां से लाऊंगा। ये खबर भी पढ़ें… मंदसौर जॉइंट कलेक्टर पर दहेज प्रताड़ना की FIR इंदौर पुलिस ने मंदसौर के जॉइंट कलेक्टर राहुल चौहान के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की FIR दर्ज की है। पत्नी का आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता रहा लेकिन अधिकारी होने के दबाव-प्रभाव के कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब महिला थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। बयान भी लिए हैं, लेकिन, सामान्य धाराओं में ही केस दर्ज कर लिया। इसमें भी पति के नाम के साथ कहीं भी उनकी पोस्ट जॉइंट कलेक्टर का जिक्र नहीं है। पत्नी ने योजनाबद्ध तरीके से अबॉर्शन के भी आरोप पति पर लगाए हैं। पूरी खबर पढ़ें…


