बेटियों को सम​र्पित 38वां कन्वोकेशन:गोल्ड मेडलिस्ट की लाइन में भी बेटियां ही बेटियां… टॉपर्स में 69% छात्राएं, 63 में 48 गोल्ड लड़कियों को

मैं रांची यूनिवर्सिटी के मोरहाबादी कैंपस स्थित दीक्षांत मंडप में हूं, जहां 38वें दीक्षांत समारोह में शिरकत करने आए 4 हजार से अधिक छात्रनिर्धारित स्थान पर बैठे हैं। घोषणा होती है कि समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार पहुंच चुके हैं। 11 बजे रजिस्ट्रार डॉ. गुरुचरण साहू के नेतृत्व में दीक्षांत परेड भव्य पंडाल में प्रवेश करता है, जिसमें गवर्नर, वीसी, डीन, एचओडी, डायरेक्टर समेत अन्य शिक्षक शामिल हैं। राष्ट्रगान और कुलगीत के बाद वीसी डॉ. अजीत कुमार सिन्हा उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हैं। इसके बाद राज्यपाल दीक्षांत भाषण देते हैं। इसके बाद गवर्नर द्वारा यूजी-पीजी के 63 टॉपरों के बीच 78 गोल्ड मेडल वितरित किए गए। टॉपरों में 48 छात्राएं और 15 छात्र थे। यानी 69 प्रतिशत गोल्ड मेडल बेटियों ने प्राप्त किया। इनके चेहरे पर स्वर्णिम चमक स्पष्ट दिख रही थी। समारोह में कुल 4410 स्टूडें्टस को उपाधि अतिथियों द्वारा प्रदान की गईं, जिसमें दो-तिहाई छात्राएं थीं। समारोह में 3291 छात्राएं और 1119 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। गवर्नर ने कहा कि समारोह में यह दिखता है कि स्वर्ण पदक विजेताओं में हमारी बेटियां ही आगे हैं। विश्वविद्यालय के युवा मौलिक शोध के लिए आगे आएं। गवर्नर बोले- स्वर्ण पदक पाने वालों में बेटियां आगे, रिसर्च के लिए आगे आएं युवा 5 करोड़ से स्थापित होगा इनोवेशन सेंटर : कुलपति वीसी ने विवि की उपलब्धियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कहा कि 1960 में 10 पीजी विभाग, एक अंगीभूत कॉलेज व 20 संबद्ध कॉलेजों से विवि शुरू हुआ था। वर्तमान में 30 पीजी विभाग, 19 अंगीभूत व 67 एफिलिएटेड कॉलेजों में 27 वोकेशनल कोर्सों की पढ़ाई हो रही है। स्टार्टअप योजना के तहत 5 करोड़ के इनोवेशन सेंटर की स्थापना के लिए प्रयासरत हैं। ट्राइबल स्टडीज सेंटर व डिजिटल स्टूडियो की भी स्थापना हो रही है। रिसर्च का स्तर उच्च हो, कॉपी-पेस्ट नहीं करें : गवर्नर गवर्नर ने रिसर्च स्कॉलरों से कहा कि रिसर्च का स्तर उच्च होना चाहिए। कॉपी-पेस्ट नहीं होना चाहिए। हरित क्रांति व नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विषयों पर शोध करने की सलाह दी। हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आरयू में जनजातीय समाज, वन्य जैवविविधता, पारंपरिक चिकित्सा, खनिज विज्ञान व लोकसंस्कृति की दिशा में बेहतर काम हो रहा। छात्रों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपनी संस्कृति का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। समारोह में इनकी रही उपस्थिति दीक्षांत समारोह में वीसी प्रो. तपन शांडिल्य पत्नी के साथ, नेहरू युवा केंद्र के पूर्व निदेशक डॉ. हनी सिंह, डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू, प्रॉक्टर डॉ. मुकुंद मेहता, फाइनेंस डॉ. प्रीतम कुमार, एचओडी डॉ. परवेज हसन, साइंस डीन सह एचओडी डॉ. वंदना कुमारी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विकास कुमार, डॉ. आशीष कुमार झा, मासकॉम डायरेक्टर बसंत कुमार झा, डॉ. एसएन मिश्र, प्रो. अशोक कुमार सिंह, डॉ. अरुण सिंह, डॉ स्मृति सिंह, डॉ. रोहित श्रीवास्तव, अर्जुन कुमार, नवीन चंचल, वीरेंद्र वर्मा व अन्य शिक्षक थे। अखबार बेच अनूप बना पीजी फिलॉस्फी का टॉपर, फर्स्ट चांस में जेपीएससी पीटी क्रेक अभाव में पले बढ़े गुमला के अनूप खलखो ने आरयू की पीजी फिलॉस्फी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। पीजी में 87% अंक लाकर विवि टॉपर है। 7वीं क्लास में थे तो पिता जे खलखो का निधन हो गया है। मां धनिया खलखो घर चलाती थी। गुमला से ही मैट्रिक की परीक्षा पास की। स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ घर-घर जाकर अखबार वितरीत करने लगे। स्नातक में द्वितीय श्रेणी से पास किया। पीजी फिलॉस्फी की परीक्षा में टॉप किया, जिसमें 87 प्रतिशत अंक मिले। इधर जेपीएससी द्वारा आयोजित 11वीं 13वीं सिविल सेवा परीक्षा की पीटी क्वालिफाई कर गए हैं।

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