भास्कर न्यूज | बालोद गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद दूध गंगा संचालक समिति को सहकारिता विभाग ने भंग कर दिया है। इस संबंध में उप रजिस्ट्रार राजेन्द्र प्रसाद राठिया ने आदेश जारी किया है। समिति में शामिल अध्यक्ष कमलेश गौतम व सदस्य ओमप्रकाश यादव, दीनबंधू यादव, बिरेन्द्र यादव, सुदीप यादव, पूर्णिमा गौतम की सदस्यता को समाप्त किया गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत समिति संचालन की जिम्मेदारी सहकारी निरीक्षक गणेश जोशी को दी गई है। समिति के अध्यक्ष व सदस्यों की शिकायत कई बार होने के बाद विभागीय जांच हुई थी। अध्यक्ष कमलेश गौतम के खिलाफ आवेदक व किसानों ने सहकारी संस्था के उप पंजीयक से शिकायत की थी। जिसके बाद पशुपालन विभाग के अति. उप संचालक डॉ. टीडी देवांगन, सहकारिता विभाग के वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक उमाशंकर शर्मा और सहकारी निरीक्षक भूपेन्द्र कुमार मंडावी को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। अब सहकारिता विभाग की निगरानी मंे दूध गंगा का संचालन होगा। {संचालक मंडल के 4 सदस्य प्रशांत सोनकलिहारी, नारद राम साहू, मदन लाल एवं सुमन शर्मा ने 8 दिसंबर 2025 की बैठक के संबंध में स्पष्ट किया है कि उपस्थित नहीं थे। अनुपस्थिति का लाभ उठाते 6 सदस्य हमेशा से एक होकर गलत निर्णय लेकर बहुमत सिद्ध किया। { वेंडर के रूप में कार्य कर रहे ठेकेदार को सीधा संस्था के कर्मचारी नियुक्त कर पीएफ देना सही नहीं है। कर्मचारी नियुक्त करने उप पंजीयक से अनुमोदन नहीं कराया गया है। { कृष्णा परिहार एवं गौतम डेयरी फ्रेंचाइजी संबंधित तथ्य सही मिले। कृष्णा परिहार, गौतम डेयरी के नाम से जो फ्रेंचाइजी दी गई यह अध्यक्ष का भांजा है। इस दुकान को आदर्श गौतम और समर गौतम संचालित कर रहे हैं। कमलेश गौतम भी नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं। { कुछ किसानों को बहला-फुसला कर अपने गौतम डेयरी में दूध डलवाया गया। नाम बदल कर फ्रेंचाइजी दिया जाना संस्था के नियमों के विपरीत एवं अनुचित है।


