आदिवासियों का महाकुंभ कहे जाने वाला बेणेश्वर धाम का मेला इस बार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। जहां एक तरफ एक दिन पहले उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने आदिवासी हिन्दू हैं के बयान दिया तो उसी वक्त आसपुर के बाप पार्टी के विधायक उमेश डामोर भड़क उठे और दोनों के बीच विवाद गर्म हो गया और मामला राजनीतिक रूप लेने लग गया। पुलिस के दखल देने के बाद मामला शांत हुआ। वहीं दूसरा मुद्दा मेले के निमंत्रण पत्र को लेकर शुरू हुआ है। एक इन्विटेशन जो वायरल हुआ उसमें डूंगरपुर जिला प्रशासन की ओर से जारी निमंत्रण पत्र में भाजपा के नेताओं सहित पूर्व सांसद कनकमल कटारा का नाम शामिल है लेकिन प्रशासन ने सांसद राजकुमार रोत को निमंत्रण नहीं भेजा। वहीं प्रशासन का कहना है कि वो हमने जारी नहीं किया। सांसद राजकुमार ने भाजपा पर फर्जी निमंत्रण पत्र छपाने के आरोप लगाए। सांसद ने लिखा कि बेणश्वर (बेणका) धाम को बीजेपी सांसद मन्नालाल रावत ने राजनीतिक मंच बनाकर लोगों की आस्था व बेणका के महत्व पर कलंक लगाने का काम किया है। साथ ही बीजेपी नेताओं ने BAP पार्टी के विधायक उमेश डामोर के साथ बदतमीजी की। बीजेपी के कुछ नेताओं ने पहला कृत्य तो छलकपट से प्रशासन के नाम का दुरुपयोग करके चोरी छुपे फर्जी निमंत्रण कार्ड बनाया। इस पोस्ट में देख सकते हो प्रशासन की तरफ से कार्ड व एक दूसरा फर्जी कार्ड। इस पूरे मामले में सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि जो हिंदी भाषा में जारी निमंत्रण पत्र है वो भाजपा ने फर्जी तरीके से बनाया है। प्रशासन के नाम से दुरुपयोग किया है। वहीं प्रशासन ने इंग्लिश में निमंत्रण पत्र जारी किया है। इस मामले में कलेक्टर अंकित कुमार सिंह से बात की तो बताया कि इस मामले में हमने सांसद से बात कर ली है। हमने सभी जनप्रतिनिधि को निमंत्रण पत्र भेजा है। उसने मेरा नाम है और टूरिज्म कमिश्नर का नाम है।


