भास्कर न्यूज | करही बाजार करही बाजार क्षेत्र में अब बिन मौसम हो रही बारिश ने किसानों की माथे पर चिंता की लकीर ला दी है। जुलाई और अगस्त महीने की अच्छी बारिश के बाद किसानों ने इस वर्ष धान की बंपर पैदावार की उम्मीद लगा रखी थी लेकिन सितंबर के अंत और अक्टूबर माह की शुरुआत में ही हो रही अनियोजित बारिश ने किसानों खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया है। धान की फसल इस बारिश से प्रभावित हुई है जिन किसानों ने अगस्त में धान की बुवाई की थी उनकी फसल अब पकाने की स्थिति में थी। अक्टूबर महीने में फसल पूरी तरह तैयार हो जाती है और नवंबर में कटाई का कार्य शुरू होता है लेकिन इस समय हुई बारिश ने न केवल फसल की गुणवत्ता को प्रभावित किया है बल्कि खेतों में पानी भरने से फसल गिरने और सड़ने का भी खतरा पैदा हो गया है। करही बाजार क्षेत्र के किसानों ने इस वर्ष जुलाई और अगस्त महीने में हुई अच्छी बारिश का लाभ उठाकर खेतों में धान की फसल लहलहा रही थी और बाली भी निकल चुकी थी जिससे किसानों को इस बार बेहतर उत्पादन और आए की उम्मीद थी। करही बाजार। बारिश के बाद करही बाजार में धान की फसल। पहले बुवाई करने वाले किसानों के खेतों में धान की फसल में बाली निकल आई है एक महीने बाद नवंबर में कटाई की तैयारी कर रहे थे लेकिन इस बारिश ने हमारी मेहनत पर पानी फेर दिया है खेतों में पानी भर गया है जिससे फसल गिर रही है अब ना फसल का दाना सही रहेगा और ना ही अच्छी कीमत मिलेगी।


