बेरिकेड्स पर चढ़ने के दौरान कांग्रेस-पुलिस के बीच धक्का-मुक्की:सांसद बोले- कलेक्ट्रेट ऑफिस भ्रष्टाचार का अड्‌डा बन गया, बाड़मेर कलेक्टर तानाशाह

बाड़मेर कांग्रेस ने मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध में सोमवार को जिला कलेक्ट्री पर जमकर प्रदर्शन किया। बेरिकेड्स पर चढ़कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने अंदर नहीं आने पर जमकर बेरिकेड्स को दोनों से तरफ धक्का लगाया गया। कांग्रेसी कलेक्ट्रेट विवेकानंद सर्किल रास्ते पर बैठ गए। सांसद बेनीवाल ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। कहा हम लोग ज्ञापन देने के लिए जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने हमें जाने नहीं दिया। यह बाड़मेर कलेक्टर की तानाशाही है। यह इनका अंहकार है जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट के आगे धरना दिया गया। वहां पर कांग्रेसी नेताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। इसके बाद वहां से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इससे पहले पुलिस ने पूरे कलेक्ट्रेट के आगे बेरिकेड्स लगाए गए। बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। इस दौरान एएसपी नीतेश आर्य, डीएसपी रमेश कुमार शर्मा, अरविंद जागिड़, कोतवाल मनोज कुमार, ग्रामीण थानाधिकारी विक्रमदान चारण, शिव थानाधिकारी सत्यप्रकाश विश्नोई, धोरीमन्ना थानाधिकारी दीपसिंह, गडरारोड थानाधिकारी पदमाराम मय पुलिस जाब्ता तैनात रहा। बेरिकेड्स पर चढ़कर प्रदर्शन कांग्रेसी हाथों में पार्टी का झंडा और महात्मा गांधी की फोटो लेकर बेरिकेड्स के आगे पहुंचे। जिलाध्यक्ष समेत कई युवा नेता बेरिकेड्स पर चढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस ने बेरिकेड्स पर चढ़ने से रोका गया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच हल्की धक्का मुक्की भी हुई। जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने नए कानून की प्रतियों को फाड़ा गया। जिला प्रशासन के रोकने पर कांग्रेसी बिना ज्ञापन देकर वहीं रोड़ पर धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद सांसद सभी को घर जाने को कहा। तस्वीरों में देखे कांग्रेस का प्रदर्शन… जिलाध्यक्ष बोले- भारत की जान गांव में बसती है, गांव को कमजोर होंगे तो विकसित भारत कैसे बनेगा जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने कहा- केंद्र सरकार ने महानरेगा का नाम बदला और कानून बदलने की मंशा है। राज्यों पर भार डाला जा रहा है। पहले 25 प्रतिशत हिस्सा मेटेरियल का सरकार दे नहीं पा रही है। 40 प्रतिशत कैसे दे पाएगी। यह गुमराह किया जा रहा है। भारत की जान गांव में बसती है अगर गांव को कमजोर कर रहे है तो विकसित भारत कैसे बनेगा। यह विकासशील भारत को ही कमजोर कर रहे है। विवादों के लिए यह सभी चीजें कर रहे है। ज्ञापन देने के लिए प्रशासन ने रोका तब प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रशासन पंगु है। जब प्रशासन ने रोका तब थोड़ी बहुत धक्का मुक्की हो गई थी। बेनीवाल ने कहा- कलेक्ट्रेट ऑफिस भ्रष्टाचार का अड्‌डा बना हुआ है सांसद ने मीडिया से कहा- नगर परिषद भ्रष्टाचार का अड्‌डा बना हुआ है। वहीं जिला प्रशासन पर भ्रष्टाचार के खूब सारे आरोप लगे है। पैसे लेकर जमीनों के हस्तांतरण हो, सोलर वाली कंपनियों के नाम से जमीनों का ट्रांसफर हो, हथियार लाइसेंस भी गलत तरीके से दिए गए है। लोगों को रुपए देकर लाइसेंस दिए गए है। ऐसे-ऐसे को लाइसेंस दे दिए जिनकी लाइसेंस रखने की औकात नहीं है। इस तरीके प्रशासन और पूरा जिला, कलेक्ट्रेट ऑफिस भ्रष्टाचार का अड्‌डा बना हुआ है। सांसद बोले- रामजी के नाम से पेट नहीं भरेंगा, लोगों के हाथ में रोजगार होगा तभी रामजी याद आएंगे सांसद ने कहा- बीते दिनों का आंकड़ों देख लो जिसने अप्लाई किया है उनको 40 दिन का रोजगार नहीं मिला है। 100 से ऊपर जाएंगे तभी तो 150 और 200 तक पहुंच पाएंगे। कांग्रेस सरकार ने राजस्थान में 125 दिन किया था। इनको खाली नाम बदला था, काम किसको करना है। नाम बदल कर अपने आपको सुर्खियों में रखना है। रामजी का मंदिर बनाया और रामजी के नाम से योजना कर दी। रामजी के नाम से पेट नहीं भरेंगा। पेट तो रोजगार से भरेगा। पैसे से भरेगा। लोगों के हाथ में रोजगार होगा तभी तो रामजी याद आएंगे। भूखे को कब रामजी याद आएंगे। सांसद बेनीवाल बोले- जिला कलेक्टर की तानाशाही है सांसद बेनीवाल अपने स्पीच में कहा- हम लोग ज्ञापन देने के लिए जा रहे थे। प्रशासन हमें जाने नहीं दिया। यह जिला कलेक्टर की तानाशाही है। यह इनका अंहकार है। इतना अंहकार जनता के सामने कभी बर्दाश्त नहीं होगा। हमे कानून हाथ में नहीं लेना है। शांति बनाए रखनी है। जो नया कानून विकसित रोजगार ग्रामीण गारंटी मिशन हम उसका विरोध कर रहे है। शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी विरोध करते रहेंगे। इस आंदोलन को जन-जन तक फैला दो जिससे यह सरकार मजबूर हो जाए इस कानून को वापस लेने के लिए। नरेगा का मूल भाव था और उसका और ज्यादा उपयोगी कैसे बनाए जा सके। वैसी योजना लाने के लिए सरकार को मजबूर करना है। यह अपने आंदोलन की शुरुआत है। इस आंदोलन को आगे और ज्यादा उग्र करना है। बिना फाइल के ऊपर वचन रखे कोई फाइल पास नहीं होती है बेनीवाल स्पीच में कहा- बाड़मेर जिला प्रशासन की घोर निंदा करते है। शांतिपूर्ण तरीके से हम ज्ञापन देने के लिए जा रहे थे। हमको रोका गया। इनका अंहकार और तानाशाही पूर्ण रवैया कभी सहन नहीं करेंगे। बाड़मेर के लोग इस तरीके के व्यवहार को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार भ्रष्टाचार को रोकने की बात कर रहे है। भ्रष्टाचार इतना व्याप्त हो गया है कि बिना फाइल के ऊपर वजन रखें कोई फाइल पास नहीं होती है। मनरेगा के मेटेरियल सप्लाई का पेमेंट भी इसी वजह से रुके हुए है। प्रशासन की ओर से हर तरीके से परेशान किया जा रहा है। यहां तक फीस बढ़ोत्तरी के विरोध में छात्राएं विरोध में बैठी थी। उनको किसी तरीके से थाने में लाकर बैठा दिया।

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