बैंक खाता किराए पर देने वाले चाचा-भतीजा गिरफ्तार:जशपुर में लोगों को देते थे पैसों का लालच, खाते और ATM कार्ड भेजे रांची

जशपुर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बैंक खाता किराए पर देने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के अनुसार, कुछ लोग आर्थिक लालच में आकर अपने बैंक खातों को किराए पर दे रहे थे। इन खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। साइबर अपराधी इन खातों का इस्तेमाल अवैध लेन-देन के लिए करते थे। खाताधारकों को इसके बदले एक निश्चित राशि मिलती थी। ऐसे हुआ मामले का खुलासा मामले का खुलासा तब हुआ जब महाराष्ट्र बैंक के एक खाते में 1 लाख रुपए का संदिग्ध लेन-देन पाया गया। यह खाता गिरांग गांव के सुभाष केरकेट्टा का था। साइबर टीम ने जांच में खाते की गतिविधियों को संदिग्ध पाया। पूछताछ में सुभाष ने बताया कि उसने एक साल पहले खाता खोला था। उसने अपना एटीएम कार्ड अपने चाचा नीरज रतन टोप्पो को दे दिया था। नीरज ने इसके बदले उसे कुछ पैसे दिए थे। नीरज की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि उसने एटीएम कार्ड और खाते के दस्तावेज एक अज्ञात व्यक्ति को रांची भेजे थे। दोनों की बातचीत सिर्फ मोबाइल पर हुई थी। इससे एक संगठित गिरोह के होने की पुष्टि हुई है। म्यूल अकाउंट्स की जांच को लेकर चलाया जा रहा अभियान पुलिस ने सुभाष केरकेट्टा (25) और नीरज रतन टोप्पो (43) के खिलाफ धारा 318(2), 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जिले में म्यूल अकाउंट्स की जांच को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले भी जिले के दुलदुला, कुनकुरी और पत्थलगांव थाना क्षेत्रों में इसी तरह के तीन मामलों में केस दर्ज कर दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। ठगी में सीधे तौर पर खाताधारक भी जिम्मेदार मामले में एसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि म्यूल अकाउंट्स के जरिए की जा रही ठगी में सीधे तौर पर खाताधारक भी जिम्मेदार होते हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस लगातार नजर रख रही है। जनता से अपील है कि वे लालच में आकर अपने खाते का दुरुपयोग न होने दें। वरना वे भी क्राइम में भागीदार बन जाएंगे। आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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