सांची के उत्पादों की ब्रांडिंग में गोवंश और गोपाल को शामिल किया जाए। साथ ही दूध उत्पादन औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का आधार बनाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मप्र स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में यह निर्देश दिए हैं। सीएम हाउस में हुई बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, एसीएस नीरज मंडलोई, एसीएस मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव डेयरी विकास उमाकांत उमराव व एनडीडीवी के अधिकारी मौजूद थे। किसानों को दूध के भुगतान के लिए 10 दिन का रोस्टर तय किया है। दूध खरीदी मूल्यों में 2.50 रुपए से 8.50 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। 1241 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठित की गई हैं, 635 निष्क्रिय समितियों को क्रियाशील बनाया है। सम्पूर्ण डेयरी वेल्यू चैन का डिजीटाईजेशन करने के लिए भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, बुंदेलखंड तथा जबलपुर दुग्ध संघों में सॉफ्टवेयर क्रियान्वित किया गया है। दुग्ध संकलन के लिए इंदौर दुग्ध संघ से मोबाइल ऐप की व्यवस्था लागू की गई है। जिससे दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल प्राप्त होती है। यह काम भी किए जाएंगे 2030 तक 26 हजार गांवों तक डेयरी सहकारी कवरेज का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही रोजाना 52 लाख किलोग्राम दूध संकलन और 35 लाख लीटर दूध रोजाना विक्रय के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाई जा रही है। बीते 2 वर्ष से बंद शिवपुरी डेयरी संयंत्र को जल्द शुरू किया जाएगा। जबलपुर में 10 मीट्रिक टन क्षमता के पनीर प्लांट को पुन: आरंभ करने के लिए 5 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इंदौर में स्थापित 30 मीट्रिक टन क्षमता का दूध पाउडर संयंत्र शुरू किया गया है। इसके माध्यम से 3 लाख लीटर दूध का रोज प्रसंस्करण किया जा रहा है। ग्वालियर डेयरी संयंत्र को अपग्रेड किया जा रहा है। बैठक में एनडीडीवी के चेयरमेन मीनेश शाह, कार्यकारी निर्देशक एस. रघुपति, महाप्रबंधक जिगनेश शाह भी मौजूद थे।


