बैतूल जिले की आठनेर ब्लॉक के बोरपेंड गांव की बेटी शिवानी उइके ने अपनी मेहनत और लगन से जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शिवानी का चयन सीमा सुरक्षा बल (BSF) में हुआ है। किसान पिता फकीरा उइके की इकलौती बेटी शिवानी अब देश की सीमाओं पर पहरा देंगी। शिवानी बचपन से ही देश की सेवा का सपना देखती थीं। वे बताती हैं “बचपन से ही सोचती थी कि मुझे बॉर्डर पर जाकर देश के लिए कुछ करना है। मम्मी-पापा तैयार नहीं थे, कहते थे कि इकलौती बेटी है, बॉर्डर पर कैसे जाएगी। लेकिन मैंने समझाया कि आज की लड़कियां हर जगह पहुंच गई हैं, तो आपको चिंता नहीं करनी चाहिए।” कोच और भैया से मिली दिशा
गांव से निकलकर शिवानी चार साल पहले बैतूल पहुंचीं। यहां उन्हें कबड्डी कोच और मार्गदर्शन मिला। उन्होंने बताया- “जब गांव से बैतूल आई तो मुझे नहीं पता था कि आगे कैसे बढ़ना है। लेकिन कोच और भैया ने बताया कि खेल के साथ पढ़ाई भी जरूरी है। उन्होंने मुझे सही दिशा दी। कोचिंग के अलावा लाइब्रेरी में जाकर सेल्फ स्टडी की और शिक्षकों ने हर कदम पर साथ दिया।” शिवानी ने बैतूल कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की और भोपाल से बीपीएड (बैचलर इन फिजिकल एजुकेशन) पूरा किया। उन्होंने अब तक चार नेशनल और कई राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। उन्होंने आंध्रप्रदेश, उड़ीसा और गुजरात में राज्यस्तरीय मुकाबलों में हिस्सा लिया और भुवनेश्वर में राष्ट्रीय कबड्डी चैम्पियनशिप में जिले का प्रतिनिधित्व किया। वे मध्यप्रदेश महिला कबड्डी टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं। 24 जनवरी के बाद बॉर्डर पर रवाना होगी
हाल ही में उनका चयन सीमा सुरक्षा बल (BSF) में हुआ है। 24 जनवरी के बाद वे ट्रेनिंग के लिए बॉर्डर पर रवाना होंगी। उनके चयन पर भाजपा नेता हेमंत खंडेलवाल के निवास पर “75 कदम 99 दिन” अभियान के साथियों ने शिवानी का सम्मान किया। अब गांव की यह बेटी देश की सीमा पर तिरंगे की रक्षा करेगी- यही पूरे बैतूल जिले के लिए गर्व की बात है।


