बैतूल जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में शनिवार को पुलिस ने बलवा और गैरकानूनी जमाव, हिंसा और असामाजिक तत्वों से निपटने की तैयारी के तहत मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में बलवा जैसी वास्तविक स्थिति तैयार की गई, जिसमें पुलिस कर्मियों के दो दल बनाए गए एक पुलिस बल की भूमिका में रहा, जबकि दूसरा बलवाइयों के रूप में उतरा। ड्रिल की शुरुआत में मैजिस्ट्रेट की भूमिका निभा रहे अधिकारियों ने बलवाइयों से उनकी मांगों पर चर्चा की, लेकिन जब वे नहीं माने और पथराव शुरू किया, तो पहले उन्हें चेतावनी दी गई। इसके बाद वाटर कैनन से पानी की बौछार कर भीड़ को हटाने का प्रयास किया गया। जब स्थिति और बिगड़ी, तो लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और अंत में गोली चलाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। गोली चलने के दौरान एक बलवाई के घायल होने का सीन तैयार किया गया, जिसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजने की मॉक कार्रवाई भी की गई। इस दौरान एसपी वीरेंद्र जैन, एएसपी कमला जोशी, एसडीओपी सुनील लाटा, कोतवाली टीआई देवकरण डहरिया, गंज थाना टीआई नीरज पाल सहित कई थानों के प्रभारी, पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक मौजूद रहे। मजिस्ट्रेट की भूमिका डीएसपी मार्को ने निभाई, जबकि बलवाइयों का नेतृत्व ट्रैफिक इंचार्ज गजेंद्र केन ने किया। मॉक ड्रिल में पुलिस कर्मियों को बॉडी प्रोटेक्शन किट भी पहनाई गई, हालांकि यह किट उनके लिए कुछ असुविधाजनक नजर आई। बैतूल जिले में बीते कुछ माह में हुई सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं को देखते हुए इस मॉक ड्रिल को सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


