बैतूल जिले में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला गुरुवार दोपहर से शुरू होकर शुक्रवार सुबह तक चला। शहर के विभिन्न मोहल्लों और क्षेत्रों से भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, जिनमें पारंपरिक अखाड़ों का दमदार प्रदर्शन देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा। 12 बजे से शुरू हुआ समारोह
विसर्जन के दौरान बच्चा जेल चौक स्थित देवी काली की प्रतिमा का चल समारोह रात 12 बजे शुरू हुआ। इससे पहले हजारों भक्तों की मौजूदगी में भव्य आरती और पूजन संपन्न हुआ। श्री हनुमान व्यायाम शाला के कलाकारों ने जिम्नास्ट और अन्य करतब भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर देवी और भगवान शंकर की प्रतिमाओं का भी चल समारोह निकाला गया। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ विसर्जन कार्यक्रम
पुलिस प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। हर मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा, जिसके कारण अधिकांश कार्यक्रम शांति और अनुशासन के साथ पूरे हुए। हालांकि, विसर्जन के दौरान इक्का-दुक्का स्थानों पर मारपीट और चाकूबाजी की घटनाएं भी सामने आईं, जिन पर पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। इन छोटी-मोटी घटनाओं के बावजूद, संपूर्ण आयोजन बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण माना गया। शहर के टिकारी, कोठीबाजार और अन्य क्षेत्रों से निकली प्रतिमाएं मुख्य मार्ग होते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने वहां देवी प्रतिमाओं को श्रद्धापूर्वक विदा किया। प्रशासन ने विसर्जन स्थलों पर भी बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। तस्वीरों में देखें चल सामारोह की झलक


