बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के रतेड़ा गांव में शुक्रवार को ग्रामीणों ने रतेड़ा-लादी-सारणी मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पिछले करीब 75 वर्षों से उपयोग में है, लेकिन अब तक इसके पक्के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय केवल भूमिपूजन कर औपचारिकता निभाते हैं और वोट बैंक की राजनीति करते हैं, जबकि सड़क निर्माण का कार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क के बनने से करीब दो दर्जन गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग कम लागत में और बिना किसी घाट सेक्शन के तैयार किया जा सकता है, जिससे सारणी-दमुआ मार्ग पर यातायात का दबाव भी कम होगा। दो तस्वीरों में देखिए चक्काजाम एक घंटे तक चला आंदोलन शुक्रवार को ग्रामीणों ने आमला-सारणी मार्ग पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक चले आंदोलन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश पर ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले पांच दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस आंदोलन का नेतृत्व समाजसेवी जितेंद्र शर्मा, सरपंच अर्जुन उइके, राजू शीलू, दुर्गेश यादव और मनीराम कुमरे ने किया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


