बैतूल जिले की साइबर सेल और विशेष एसआईटी ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उज्जैन के बड़नगर से दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ₹9.84 करोड़ की संगठित साइबर ठगी और ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े हुए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अजय उर्फ अज्जू उर्फ आदित्य उर्फ डैडी (29) पिता विरमलाल सोलंकी और मुस्तफा उर्फ मुस्तु उर्फ गरीब (29) पिता हारून मंसूरी के रूप में हुई। इन्हें 11 जनवरी को पकड़ा गया था और सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस उनकी रिमांड लेने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने आरोपियों से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनसे कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि इन उपकरणों का फोरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा ताकि पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके। नौ सदस्य पहले गिरफ्तार हो चुके
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के निर्देशन में गठित साइबर सेल और विशेष एसआईटी टीम ने की। इस मामले में पहले भी गिरोह के नौ अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व में 20 नवंबर 2025 को राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को पकड़ा गया था। इसके बाद 7 दिसंबर को अमित अग्रवाल, 11 दिसंबर को राजेन्द्र राजपूत और ब्रजेश महाजन, जबकि 14 दिसंबर को अश्विन धर्मवाल, प्रवीण जायसवाल और पियूष राठौर को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी निवेश और ऑनलाइन बेटिंग एप्स के जरिए लोगों को ठगता था। आरोपी बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट के जरिए भारी रकम का लेन-देन कर रहे थे। एसआईटी अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है ताकि ठगी के पैसों की पूरी मनी ट्रेल और अंतरराज्यीय कनेक्शन का खुलासा हो सके। एसपी वीरेंद्र जैन ने इस जटिल प्रकरण में उत्कृष्ट टीमवर्क और त्वरित कार्रवाई के लिए टीम की सराहना की। इस ऑपरेशन में डीएसपी दुर्गेश आर्मो, थाना प्रभारी नीरज पाल, एसआई उत्तम मस्तकार, राकेश सरेयाम और साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


