बॉर्डर से लाइव:राजस्थान की पश्चिमी सरहद सीसीटीवी कैमरों से लैस, सीमा चौकियों में बनाए कंट्रोल रूम, पाक सीमा में 5 किमी तक चौबीस घंटे निगरानी

भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अब पांच किलोमीटर दूर से ही पता चल जाएगा कि कोई घुसपैठिया आ रहा है और बीएसएफ अलर्ट हो जाएगी। राजस्थान की पश्चिमी सरहद को सीसीटीवी कैमरों से लैस कर दिया गया है। सीमा चौकियों पर कंट्रोल रूम बना दिए गए हैं, जहां से पाक सीमा में दूर तक निगरानी रखी जा रही है। पाकिस्तान से सटी राजस्थान की 1070 किलोमीटर लंबी सीमा पर 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बीएसएफ की सीमा चौकियों पर कंट्रोल रूम बना दिए गए हैं, जहां बैठकर जवान चौबीस घंटे पाकिस्तान की सीमा में पांच किलोमीटर अंदर तक निगरानी कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए बॉर्डर हाई अलर्ट मोड पर है। बीएसएफ किस प्रकार विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों में सीमा की चौकसी करती है, यह जानने के लिए राजस्थान फ्रंटियर के आईजी एमएल गर्ग की विशेष अनुमति लेकर भास्कर टीम पाकिस्तान सीमा पर पहुंची। पूरी रात बॉर्डर पर कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच बीएसएफ की सुरक्षा प्रणालियों और पाक रेंजर्स की हरकतों को लाइव देखा। न्यूनतम पारा 3-4 डिग्री के आसपास था। सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन काफी थी। बीएसएफ की महिला जवान पुरुषों के बारबर पेट्रोलिंग कर रही थीं। आईजी गर्ग ने बताया कि कोहरे को देखते हुए श्रीगंगानगर से लेकर जैसलमेर, बाड़मेर तक नफरी बढ़ा दी है। 140 बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि बॉर्डर पर चौबीस घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बीएसएफ की चैकिंग देख पाक रेंजर घबराए बीएसएफ किस प्रकार विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों में सीमा की चौकसी करती है, यह जानने के लिए राजस्थान फ्रंटियर के आईजी एमएल गर्ग की विशेष अनुमति लेकर भास्कर टीम पाकिस्तान सीमा पर पहुंची। पूरी रात बॉर्डर पर कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच बीएसएफ की सुरक्षा प्रणालियों और पाक रेंजर्स की हरकतों को लाइव देखा। न्यूनतम पारा 3-4 डिग्री के आसपास था। सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन काफी थी। बीएसएफ की महिला जवान पुरुषों के बारबर पेट्रोलिंग कर रही थीं। आईजी गर्ग ने बताया कि कोहरे को देखते हुए श्रीगंगानगर से लेकर जैसलमेर, बाड़मेर तक नफरी बढ़ा दी है। 140 बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि बॉर्डर पर चौबीस घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। तीन लाइव सीन से समझिए कैसे बीएसएफ के जवान पूरी रात जागते हैं तब हम घरों में चैन की नींद सोते हैं। सीमा चौकी पर कंट्रोल रूम। स्क्रीन पर पाक की आउटपोस्ट और ओपी टावर भी दिख रहा है। इस स्क्रीन पर एक साथ आस-पास की तीन सीमा चौकियों पर निगरानी रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरों से रात के समय डेढ़ किमी और दिन में पांच किलोमीटर तक कंट्रोल रूम से नजर रखी जा सकती है। भारतीय सीमा चौकी से करीब पांच किलोमीटर दूर बीएसएफ की नाकेबंदी। अचानक एक सफेद रंग की गाड़ी तेजी से आई। जवानों ने राइफलें तान कर उसे रुकने के लिए मजबूर कर दिया। गाड़ी की पूरी तलाशी ली गई। चालक से एक घंटे तक पूछताछ की। संतुष्ट होने के बाद उसे छोड़ दिया गया। कंट्रोल रूम से नजर 5 किमी तक नाकेबंदी घना कोहरा और कड़ाके की ठंड में बीएसएफ की महिला और पुरुष जवान पेट्रोलिंग पर। डॉग स्क्वायड और गाड़ियों का लश्कर चल रहा है। उनके जूतों की गूंज सन्नाटे को चीर रही है। सामने पाकिस्तान की सीमा चौकी लुभानेवाला का कंपनी हैडक्वार्टर। उससे कुछ ही दूरी पर उनकी आउट पोस्ट समुद्रखान, जहां ओपी टावर में बैठा रेंजर बीएसएफ की हरकत देख घबरा गया। उसने टॉर्च की रोशनी से अपने आदमियों को संकेत भेजा। कुछ ही देर में पाक रेंजरों की गाड़ियां आ पहुंची। वे भी अलर्ट हो गए। जीरो लाइन से उनकी दूरी करीब एक किमी ही थी। बीएसएफ तारबंदी और आसपास के एरिया में छानबीन करती रही। वे दूर खड़े सहमे देखते रहे। सुबह हो चुकी थी, लेकिन कोहरा इतना था कि पांच-10 फीट के बाद कुछ नजर नहीं आ रहा था।

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