मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर में उदयपुर संभाग के भाजपा विधायकों से आने वाले बजट को लेकर सुझाव मांगे। इस पर उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने प्रस्ताव दिया कि न्यायालय परिसर को बलीचा में पूर्व में मिली जमीन पर आलीशान भवन बनाकर शिफ्ट किया जाए और आयड़ चौकी को थाना बनाया जाए। जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल ने उदयपुर संभाग के सभी भाजपा विधायकों की बैठक ली और बैठक में आने वाले बजट में सभी भाजपा विधायकों से अपने-अपने विधानसभा में विकास के लिए तीन-तीन प्रस्ताव मांगे। मुख्यमंत्री शर्मा के प्रस्ताव मांगने पर उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने अपनी ओर से तीन प्रस्ताव रखे, जिसमें मुख्य रूप से आयड़ पुलिस चौकी को थाने में क्रमोन्नत करने की मांग की ताकि असामाजिक तत्वों को काबू में किया जा सके। जिला एवं सेशन न्यायालय उदयपुर के परिसर के लिए पूर्व में बलीचा में करीब 80 बीघा जमीन आवंटित की गई, जहां शिफ्ट किया जाए। वर्तमान में कोर्ट सर्कल के पास संचालित न्यायालय परिसर में जगह की काफी कमी है। ऐसे में आवंटित हुई जमीन पर नया भवन बनाकर कोर्ट चौराहा स्थित न्यायालय परिसर को शिफ्ट किया जाए। प्रतापनगर से बलीचा मार्ग स्थित आयड़ नदी पर अभी 2 लेन पुलिया है। इसके दोनों तरफ 4 लेन सड़क बनाई जा चुकी है। ऐसे में यह 2 लेन पुलिया बॉटलनेक बन गई है। इस पर यातायात का भारी दबाव रहता है। ऐसे में यहां 4 लेन की पुलिया बनाई जाए। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, गोगुन्दा विधायक प्रतापलाल भील, नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, सलूम्बर विधायक शांता देवी मीणा आदि मौजूद थे। प्रतापनगर-बलीचा रोड पर पुल ही बॉटलनेक, दूर करना जरूरी नगर निगम और उदयपुर विकास प्राधिकारण (यूडीए) का पूरा फोकस अभी शहर की सड़कों के विस्तार पर है। दिसंबर में ही करीब आधा दर्जन कार्रवाई की सड़क मार्गों से अतिक्रमण हटाए गए हैं। इसके अलावा हाल ही महीनों में फतहपुरा सर्किल को चौड़ा किया जा चुका है, जबकि दुर्गा नर्सरी तिराहा को विस्तार देने का काम जारी है। देहलीगेट से बॉटल नेक भी हटाया गया था। प्रतापनगर से बलीचा जाने वाले हाईवे को 4 लेन किया जा रहा है। मकसद भारी वाहनों को डायवर्ट करना है, लेकिन रास्ते में पुलिया दो लेन की है। यह बॉटलनेक कई बार वाहनों के फंसने की वजह बनता है। इसे चार लेन में तब्दील करने से ही वाहनों की आवाजाही निर्बाध हो सकती है। आयड़ चौकी : भूपालपुरा से 2 किमी दूर, आसपास के मोहल्ले दूसरे थानों के हिस्से कोर्ट : बलीचा में मिल चुकी 50 बीघा जमीन, अब काम शुरू होने का इंतजार कोर्ट की शिफ्टिंग पर चल रहा काम, शेष 2 की जरूरत आयड़ चौकी भूपालपुरा थाना क्षेत्र में है। चौकी से थाना 2 किमी दूर अशोक नगर मोक्ष मार्ग पर है। आयड़, पायड़ा क्षेत्र संवेदनशील भी हैं। यहां थाना बनाने की जरूरत इलाका बांटने के लिहाज से भी कम नहीं है। चौकी से करीब एक किमी दूर संभाग का सबसे बड़ा सुखाड़िया विश्वविद्यालय है, जो 3 किमी दूर प्रतापनगर थाना क्षेत्र में आता है। इसके अलावा पायड़ा का आधा हिस्सा प्रतापनगर और आधा भूपालपुरा थाना क्ष्ज्ञेत्र में, केशवनगर-रूपनगर, शोभागपुरा, न्यू भूपालपुरा सुखेर थाना क्षेत्र मे हैं। ये क्षेत्र आयड़ चौकी के 2 किमी दायरे में है, जहां करीब 50 हजार की आबादी रहती है। इसी क्षेत्र में कई बड़े शोरूम, प्रतिष्ठान, आलीशान कॉलोनियां आदि भी हैं, जहां घटना-दुर्घटना पर सबसे पहले आयड़ से पहुंचा जा सकता है। मौजूदा बिल्डिंग व्यस्ततम कोर्ट चौराहे पर है, जहां करीब 100 चैंबर हैं। जिला न्यायालय में 3 हजार अधिवक्ता हैं। इनमें से 1500 रोज प्रेक्टिस के लिए पहुंचते हैं। सैकड़ों परिवादी भी आते हैं। इनके वाहनों से पार्किंग भर जाती है। ऐसे में बाहर चौराहे पर आए दिन जाम लगता है। इसके अलावा 100 से ज्यादा अधिवक्ताओं को हर मौसम में खुले में बैठना पड़ता है। परिवादियों के बैठने की भी माकूल व्यवस्था नहीं है। मौजूदा कोर्ट का भवन आजादी से पहले का है। यह कई जगह से जर्जर है। गत 10 सितंबर को एसीजेजेएम-1 कोर्ट के चैंबर में जज पर छत का प्लास्टर गिर गया था। नई बिल्डिंग के लिए सरकार बलीचा में आईआईएम के पास 50 बीघा जमीन दे चुकी है।


