बोकारो जिले के तेतुलिया में 100 एकड़ से अधिक वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री मामले में दो मुख्य आरोपी पकड़े गए हैं। सीआईडी ने इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर सरकारी वन भूमि को निजी भूमि के रूप में बेच दिया था। मामले की जांच सीआईडी के साथ प्रवर्तन निदेशालय भी कर रही है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट ने झारखंड सरकार को सभी मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। चास अंचल कार्यालय में बोकारो वन प्रमंडल के डीएफओ रजनीश कुमार की मौजूदगी में दस्तावेजों की जांच की गई। रिकॉर्ड रजिस्टर के वॉल्यूम 60 से 75 तक के पन्ने फटे मिले। इन पन्नों में करीब 400 एकड़ रिहायशी जमीन का विवरण था। कुछ अधिकारियों से मिलकर फर्जी कागजात बनाए यह जमीन पहले बोकारो स्टील प्लांट की थी। बाद में इसे वन विभाग को लौटा दिया गया। भू-माफियाओं ने अंचल कार्यालय के कर्मचारियों और बीएसएल के कुछ अधिकारियों से मिलकर फर्जी कागजात बनाए। फिर जमीन को अवैध तरीके से बेच दिया। डीजीपी के आदेश पर सीआईडी को जांच सौंपी गई है। सीआईडी ने सेक्टर-12 थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 32/2024 की जांच शुरू की। यह शिकायत बोकारो वन प्रमंडल के प्रभारी वनपाल सह वनरक्षक रुद्र प्रताप सिंह ने दर्ज कराई थी। अन्य आरोपियों की पहचान भी शुरू कर दी है शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि भू-माफिया और कुछ सरकारी अधिकारियों ने साजिश के तहत सरकारी भूमि को निजी जमीन दिखा कर करोड़ों रुपए का घोटाला किया। सीआईडी ने मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान भी शुरू कर दी है और आगे कई और गिरफ्तारियां संभव हैं।


