चिल्फी घाटी| मध्यप्रदेश सीमा से लगे बैगा बहुल ग्राम पंचायत बोक्करखार में 7 फरवरी को पारंपरिक मड़ई महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। मड़ई महोत्सव के दौरान बैगा समाज की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन में पुरुष और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा धारण कर ढोल-मांदर की थाप पर पारंपरिक बैगा नृत्य प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की पहचान राउत नाचा की प्रस्तुति भी होगी। बैगा समाज की मड़ई में ग्राम देवताओं की पूजा-अर्चना, शोभायात्रा और पारंपरिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। लोकगीतों, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। मध्यप्रदेश सीमा से सटे होने के कारण इस मड़ई महोत्सव में दोनों राज्यों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। महोत्सव को लेकर ग्राम पंचायत द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


