मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के डीजीएम संजय वर्णवाल पर लगे गंभीर अनियमितता के आरोपों की जांच ईओडब्ल्यू ने शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू से यह शिकायत कॉर्पोरेशन में ही पूर्व में पदस्थ रहे सहायक प्रबंधक ने की है। इन शिकायतों के आधार पर एमडी कॉर्पोरेशन भरत यादव ने भी जांच समिति गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है। तब तक वर्णवाल को स्थापना और एचआर जैसी जिम्मेदारियों से दूर किया गया है। इधर, वर्णवाल ने अपने अफसरों को बताया है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
शिकायती पत्र में वर्णवाल पर बोगस फर्म बनाने, आउटसोर्स एजेंसियों से मिलीभगत कर करोड़ों की अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, नियमों को दरकिनार कर रिश्तेदारों को निर्धारित आयु सीमा में नियम विरुद्ध छूट देकर निगम में भर्ती कराने की भी बात कही गई है। यहां तक कि उनकी खुद की नियुक्ति पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ईओडब्ल्यू के अफसरों का कहना है कि फिलहाल इस मामले में प्राथमिक जांच दर्ज नहीं की गई है, फिर भी शिकायत की जांच करवाई जा रही है। यदि जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होती है तो इस मामले में केस भी दर्ज किया जाएगा।


