भास्कर न्यूज| सुकमा प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने ग्रामीण इलाकों में पक्की सड़क का सपना दिखाया गया। नियद नेल्ला नार योजना के तहत सड़कों का जाल बिछाकर बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का दावा किया गया, लेकिन निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की लेटलतीफी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश में अधूरी पड़ी सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। कीचड़ से सनी और दलदल बन चुकी सड़क पर ग्रामीणों का चलना दूभर हो गया है। सुकमा-कोंटा मार्ग से बोदागुड़ा-सामसट्टी के बीच लोक निर्माण विभाग 10 करोड़ की लागत से नाबार्ड योजना के तहत सड़क निर्माण करवा रहा है। इस साल मार्च में सड़क निर्माण पूरा हो जाना था, लेकिन निर्माण एजेंसी की उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही से महज 40 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है, जबकि अब भी 60 फीसदी से ज्यादा काम अधूरा पड़ा हुआ है। दो महीने पहले मिट्टी डालने पर ग्रामीणों ने जताई थी आपत्ति, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही से पैदल चलना भी हुआ मुश्किल सामसट्टी पंचायत के ग्रामीणों ने बताया कि बारिश में होने वाली परेशानी को लेकर दो महीने पहले ही पीडब्लयूडी के अफसरों को जानकारी दी गई थी। सड़क पर बिछाई जा रही मिट्टी पर उन्होंने आपत्ति जताई, बावजूद अफसरों ने वक्त रहते कोई सुधार नहीं करवाया। अब बारिश से सड़क पूरी तरह से कीचड़ से सनकर दलदल बन चुकी है। रोजमर्रा के सामानों की खरीदी से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इसी सड़क से लोगों को आना-जाना पड़ रहा है। इस सड़क पर न तो पैदल चलना आसान है और न ही साइकिल से। ऐसे में आपात स्थिति में कई समस्याओं का सामना करने की बात ग्रामीणों ने कही हैं। चार दशकों से मलांगीर एरिया कमेटी का गढ़ रही गोगुंडा की पहाड़ियां, नियद नेल्ला नार से बनाई जा रही सड़क गोगुंडा की पहाड़ियां नक्सल संगठन के मलांगीर एरिया कमेटी का गढ़ रहा है। बीते 40 सालों से इलाका नक्सलियों के कब्जे में होने से ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। डेढ़ साल पहले परिया गांव में पुलिस कैंप खुलने के बाद से इलाके में नक्सल गतिविधियों में कमी आई है। इसके बाद ही बोदागुड़ा से बगड़ेगुड़ा और गोगुंडा तक सड़क निर्माण को गति मिली। पहली 10 किमी की सड़क का काम एसओआर से 15 परसेंट कम दर पर नकुलनार के जितेंद्र सिंह को दिया गया। नियद नेल्ला नार योजना में परिया और बगडेगुड़ा गांव को शामिल किया गया है, जिसके तहत गांव तक प्रशासन प्राथमिक तौर पर सरकारी योजनाओं को पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। ठेकेदार की लापरवाही से सड़क निर्माण अधूरा: एसडीओ पीडब्ल्यूडी के एसडीओ दोरनापाल आलोक ध्रुव ने बताया कि बोदागुड़ा से सामसट्टी तक सड़क निर्माण मार्च तक पूरा हो जाना था, लेकिन काम पूरा होने में विलंब हुआ है। ठेकेदार की लापरवाही के कारण सड़क निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। कई बार ठेकेदार को नोटिस जारी की जा चुकी है। अब अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।


