भास्कर न्यूज | सुकमा नेशनल हाइवे 30 पर इन दिनों आवारा मवेशियों का जमावड़ा नगर वासियों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। जिले की मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन मवेशियों का भारी जमाव से वाहन चालकों में खासी नाराजगी है। नगर के हर गली मोहल्ले में मवेशियों का झुंड सड़कों पर खुले में विचरण कर रहे हैं, सड़क पर आराम कर रहे हैं। विशेष रूप से रात में, जब वाहन की हेडलाइट मवेशियों के समूह पर पड़ती है तो तेज रफ्तार वाहन चालक उन्हें समय रहते पहचान नहीं पाते जिसके चलते गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर पालिका और ग्राम पंचायत स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के चलते स्थानियों में खासी नाराजगी देखी जा सकती है। शिकायत के बावजूद कोई विशेष पहल नहीं की गई है जो वाहन चालकों व राहगीरों के लिए खतरा बनता जा रहा है। हाईकोर्ट की सख्ती के बावजूद सड़क से मवेशियों को हटाने के लिए नगर पालिका की निष्क्रियता उनकी भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहा है। जबकि कुछ समय पहले नेशनल हाइवे के किनारे आवारा मवेशियों के लिए आश्रय स्थलों की शुरुआत की गई थी, पालिका सीएमओ पीआर कोर्राम ने कहा है कि हम शिकायत के बाद से बीते दो दिनों से लगातार मुनादी करा रहे हैं। साथ ही मवेशी मालिकों को निर्देशित किया गया है। गली मोहल्ले में मवेशियों का रहता है जमावड़ा यह समस्या सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्ग तक सीमित नहीं, बल्कि नगर निगम व स्थानीय मार्गों तक फैल चुकी है। एक सर्वे के आधार पर बीते कुछ समय में छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024 में एनएच‑30 पर 298 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 198 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि 2025 के पहले 5 महीनों में 63 दुर्घटनाओं में 70 लोगों की जान गई और 38 घायल हुए। एनएच पर जगह जगह मवेशी रहते हैं।


