मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आगामी 10 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। भिंड जिले में परीक्षाओं को नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने कमर कस ली है। कलेक्टर स्वयं एक-एक परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। इधर, माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने भिंड जिले के पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चयनित किया है। इन केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। परीक्षा की तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा सामग्री भेजने का कार्य जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा आज पूरा कर लिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी एमडी मित्तल ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिले में सख्त व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षार्थियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। देर से पहुंचने वाले परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित रहेंगे। उन्होंने बताया कि भिंड जिले में कुल 50 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 46 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर पुलिस बल सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं तैनात रहेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए निर्धारित दूरी के बाद प्रवेश निषेध रहेगा।
परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, वहीं नकल पर अंकुश लगाने के लिए 100 मीटर के दायरे में मोबाइल सिग्नल जाम करने हेतु जैमर भी लगाए जाएंगे। कलेक्टर द्वारा परीक्षा की तैयारियों की हर बिंदु पर बारीकी से निगरानी की जा रही है। बताया गया कि भिंड जिले में 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 14,421 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जबकि 10वीं बोर्ड परीक्षा में 19,342 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे।
भोपाल से होगी इन परीक्षा केंद्रों की मॉनिटरिंग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदेशभर में प्रत्येक जिले के पांच परीक्षा केंद्रों को चिन्हित किया गया है। भिंड जिले में फूप का चंद्रशेखर हायर सेकेंडरी स्कूल, भिंड शहर का सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जनता स्कूल और गोरमी क्षेत्र का टच स्टोन स्कूल सहित चयनित केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भोपाल से सीधी निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्तों का गठन किया गया है, जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल रहेंगे।


