कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर हुई एक सड़क दुर्घटना ने सरकारी धान के अवैध परिवहन के बड़े मामले को उजागर कर दिया है। 18 जनवरी की शाम मझगवां-बरही तिराहे के पास एक बोलेरो और ट्रक की टक्कर के बाद मचे हंगामे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टक्कर के बाद बोलेरो सवारों ने ट्रक चालक की पिटाई कर दी, जिसके विरोध में अन्य ट्रक चालकों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। माहौल बिगड़ता देख बोलेरो चालक गाड़ी छोड़कर भाग निकला। जब स्थानीय लोगों ने लावारिस बोलेरो (MP21 ZG 2918) की तलाशी ली, तो उसके अंदर आधा दर्जन धान की बोरियां मिलीं। इन बोरियों पर सरकारी टैग लगे हुए थे, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर है। पुलिस की सफाई और कार्रवाई पर सवाल घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस केस दर्ज नहीं किया है। थाना प्रभारी के.के. पटेल का कहना है कि बोलेरो ट्रांसपोर्टर बालकरण पटेल की है और वह धान को ट्रक तक पहुंचाने के लिए निजी कार का इस्तेमाल कर रहा था, इसलिए कोई अपराध नहीं बनता। हालांकि, नियमों के मुताबिक सरकारी धान का परिवहन केवल अधिकृत वाहनों से ही किया जा सकता है। भ्रष्टाचार का पुराना केंद्र बना मझगवां ओपन कैंप मझगवां ओपन कैंप पहले भी करोड़ों रुपए की धान चोरी और अनाज सड़ने के मामलों को लेकर विवादों में रहा है। ताजा घटना ने संकेत दिए हैं कि विभाग और पुलिस के संरक्षण में धान की हेराफेरी का खेल अब भी जारी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के उच्चाधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।


