श्री स्थानकवासी जैन वीर श्रावक संघ, ब्यावर का एक विशेष प्रतिनिधि मंडल शनिवार को मदनगंज किशनगढ़ पहुंचा। दल ने प्राज्ञ संघ के प्रमुख संत संघनायक प्रियदर्शन मुनि महाराज से भेंट की और उनसे वर्ष 2026 का वर्षाकालीन चातुर्मास ब्यावर में करने का आग्रह किया। संघ अध्यक्ष महेंद्र सिंह सांखला के नेतृत्व में पहुंचे इस दल में वीर संघ के विभिन्न पदाधिकारी और वरिष्ठ सदस्य शामिल थे। उन्होंने गुरुदेव को ब्यावर संघ की सामूहिक भावना से अवगत कराया। संघनायक प्रियदर्शन मुनि ने संघ की विनती को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें ‘वीर एवं तपोभूमि ब्यावर में प्रवास करने की इच्छा बार-बार जागृत होती है’। प्रतिनिधि दल में महेंद्र सांखला, मंत्री पदमचंद बम्ब, पूर्व अध्यक्ष प्रकाश चंद मेहता, शांतिलाल नाबरिया, दुलराज मकाना, रतनलाल भंसाली, पुखराज बोहरा, गौतम हिंगड़, सम्पत नाहटा, अभिषेक रुनीवाल, विनय गदिया, हेमंत बाबेल, उत्तम चंद कोठारी, श्यामलाल डोसी, दिलीप भंडारी, सुरेश डोसी, अशोक खींचा, महावीर नाहटा, नरेश चोरडिया, तिलोक रांका, प्रकाश बम्ब, कमलेश सिंघवी, पंकज सुराणा और आशीष पोखरना सहित कई श्रावक मौजूद थे। इस अवसर पर दल ने संत मंडल के प्रवचन, धर्म-चर्चा और ज्ञान-साधना का भी लाभ उठाया। ब्यावर में जैन समाज की बड़ी संख्या को देखते हुए विभिन्न घटक और संप्रदाय हर वर्ष साधु-संतों और साध्वी मंडलों के वर्षावास का आयोजन करते हैं। इस बार पूरे सकल जैन समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है, और महान आचार्यों तथा महासती मंडल के चातुर्मास के लिए अनेक संघ प्रमुख प्रयासरत हैं। तपागच्छ संघ के एक प्रमुख आचार्य आगामी वर्षावास ब्यावर में करने की घोषणा कर चुके हैं। वहीं साधुमार्गी शांत क्रांति संघ के संघनायक जैनाचार्य विजय गुरु, प्राज्ञ संघ के जैनाचार्य प्रवर सुदर्शन मुनि तथा संघनायक प्रियदर्शन मुनि सहित अन्य आचार्यों को भी ब्यावर में चातुर्मास हेतु आमंत्रित करने की जोरदार तैयारियां जारी हैं। जैन समाज के श्रावक–श्राविकाओं सहित जैनेतर समाज में भी इस बार चर्चा का विषय बना हुआ है कि बड़े आचार्यों के चातुर्मास से ब्यावर की धरा पर धर्म, ध्यान और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण निर्मित होगा।


