रीवा में गांधी जयंती के अवसर पर समाज में एकता को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल की गई। शहीद भगत सिंह सेवा समिति के अध्यक्ष सुजीत द्विवेदी ने समाज से छुआछूत और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए साकेत-रावत समाज के लोगों के पैर धोए। समाजसेवी ने राधेश्याम साकेत और विकास रावत के चरण धोकर समाज में फैली छुआछूत और ऊंच नीच की बुराई को समाज से मिटाने का संदेश दिया। सुजीत द्विवेदी ने कहा कि ईश्वर ने हम सबको एक समान पैदा किया है। देश सबका है समाज सबका है फिर समाज में भेदभाव छुआछूत पैदा करने वाले हम कौन होते हैं। मैं एक ऐसा भारत को बनाना चाहता हूं, जहां ऊंच-नीच और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई के लिए कोई स्थान ना हो। उन्होंने कहा सभी संप्रदाय के लोग आपसी भाईचारे के साथ मिलजुल करके रहें। सभी में एकता का वास हो तभी भारत एक मजबूत राष्ट्र बनेगा। इस अवसर पर वहां उपस्थित जन समुदाय ने समाज से सामाजिक बुराई को मिटाने के लिए शपथ भी ग्रहण की। सभी ने शपथ ली कि मैं ईश्वर को साक्षी मानकर यह प्रतिज्ञा करता हूं कि आज के बाद से किसी भी जाति और समाज के प्रति भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना नहीं रखूंगा। छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई देश और समाज के लिए घातक है। इस सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने की प्रतिज्ञा करता हूं। ईश्वर इस पुनीत संकल्प को पूरा करने में हमारी रक्षा करें। आज का यह कार्यक्रम शहीद भगत सिंह सेवा समिति के कार्यालय जीवन रक्षा नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र में आयोजित किया गया।


