सीधी जिले के भंवरसेन घाट पर दशहरे के अवसर पर 40 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। गुरुवार सुबह से ही सोन नदी में प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम जारी रहा। रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र के लगभग 37 गांवों से प्रतिमाएं विसर्जन के लिए लाई गईं। विसर्जन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह सतर्क रहे। एसडीआरएफ की टीम लगातार घाट पर तैनात रही। रामपुर नैकिन थाना प्रभारी निरीक्षक सुधांशु तिवारी, चौकी प्रभारी खड्डी नीरज साकेत और चौकी प्रभारी पिपराव से संबंधित मिश्रा भी मौके पर मुस्तैद दिखे। ग्राम झाझ, तितिरा, घटोखर, अगडाल, हत्था, शिकारगंज और पैपखरा सहित कई गांवों से श्रद्धालु दुर्गा प्रतिमाओं के साथ भंवरसेन घाट पहुंचे। प्रत्येक प्रतिमा का विसर्जन विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद सोन नदी में किया गया। प्रशासन ने गहरे पानी में प्रवेश न करने के स्पष्ट निर्देश दिए। रामपुर नैकिन तहसीलदार आशीष मिश्रा ने स्वयं विसर्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने घाट पर इंतजामों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। तहसीलदार मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है, जिसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चौराहों और मार्गों पर पुलिस बल की मौजूदगी से श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्गदर्शन मिला। प्रशासन की सतर्कता और श्रद्धालुओं के सहयोग से दशहरे का यह पर्व भंवरसेन घाट पर शांतिपूर्ण और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।


