जालंधर | ब्रेस्ट कैंसर का नाम सुनते ही महिलाओं के मन में सबसे बड़ा डर यही आता है कि क्या इलाज के दौरान पूरा स्तन निकालना पड़ेगा, लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने इस सोच को बदल दिया है। सही समय पर बीमारी की पहचान होने पर स्तन को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए भी सफल इलाज संभव है। पटेल हॉस्पिटल जालंधर के कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. पारस कुमार सोनी के अनुसार, भारत में महिलाओं में होने वाला यह सबसे आम कैंसर बन चुका है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती उम्र और जांच की कमी इसके मुख्य कारण हैं। अधिकांश मामलों में ब्रेस्ट कैंसर की कोई पारिवारिक हिस्ट्री नहीं होती। महिला होना और बढ़ती उम्र इसके सबसे बड़े जोखिम कारक हैं। इसके अलावा मोटापा, शारीरिक सक्रियता की कमी, शराब का सेवन, देर से मां बनना, स्तनपान न कराना, पहले छाती पर रेडिएशन लेना तथा आनुवंशिक बदलाव भी इसका खतरा बढ़ाते हैं। क्या है ब्रेस्ट कंजर्वेशन सर्जरी शुरुआती अवस्था में ब्रेस्ट कंजर्वेशन सर्जरी एक बेहद प्रभावी विकल्प है। इसमें पूरे स्तन को हटाने के बजाय केवल कैंसर वाली गांठ और आसपास के थोड़े से हिस्से को निकाला जाता है, जिसके बाद रेडियोथेरेपी दी जाती है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, इसके नतीजे पूरे स्तन को हटाने (मैस्टेक्टॉमी) के बराबर ही होते हैं।


