सिटी रिपोर्टर | रांची चैत्र विजयादशमी के अवसर पर सोमवार को अश्रुपूरित नेत्रों के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जित कर दिया गया। श्री चैती दुर्गा पूजा महासमिति भुतहा तालाब और श्री चैती दुर्गा पूजा समिति डोरंडा की प्रतिमाओं का क्रमश: लाइन टैंक रोड और हुंडरू तालाब में किया गया। श्री चैती दुर्गा पूजा महासमिति भुतहा तालाब के विसर्जन की शोभायात्रा में कई इंद्रधनुषी छटाएं दिखीं। गाजे-बाजे और जयकारों के साथ भव्य विसर्जन यात्रा शुरू हुई। पूरे मार्ग में भक्ति गीतों की धारा बहाई, वहीं, ढोल के साथ नगाड़े और ताशा पार्टी के कलाकारों ने भी खूब रंग जमाया। विदाई से पहले मुहल्ले की महिलाओं ने मां को नमन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। ढोल-ताशे की धुनों पर सैकड़ों भक्तों ने अस्त्र-शस्त्रों का परिचालन करते विसर्जन यात्रा की शोभा बढ़ाई। इस दौरान शिव तांडव समेत अन्य कई मनमोहक झांकियों की प्रस्तुति की गई। श्रीमहावीर मंडल रांची और श्रीमहावीर मंडल रांची महानगर समेत कई मंडलों के पदाधिकारी भी वाहनों पर सवार मुख्य रूप से शामिल हुए। विसर्जन यात्रा में पहली बार कई झांकियां भी शामिल हुंईं। जगह-जगह सेवा शिविर लगाकर मां दुर्गा और श्रीराम के भक्तों का स्वागत किया गया। आस-पास के अखाड़ेधारी भी स्वागत के लिए जगह जगह एकत्र नजर आए। बंगाली समुदाय की महिलाओं ने पारंपरिक अनुष्ठान करते हुए दुर्गाबाड़ी के निकट माता को विदाई दी। पुरुषों ने नतमस्तक होकर मां का स्वागत किया। इससे पहले महासमिति द्वारा भुतहा तालाब पूजा पंडाल में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा लाइन टैंक रोड तालाब पहुंची। यहां विसर्जन से पहले माता की आरती उतारी गई और पारंपरिक पूजन के बाद प्रतिमा विसर्जित कर दी गई। इधर, डोरंडा में श्री चैती दुर्गा पूजा समिति की ओर से भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। श्री महावीर मंडल डोरंडा, श्री महावीर मंडल हिनू और आस-पास के अखाड़ेधारियों ने अस्त्र-शस्त्रों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान ताशा और ढाक बजाने वालों के साथ भजन गायकों ने रास्तेभर भक्ति गीतों की वर्षा की। अबीर गुलाल से महिलाओं ने एक-दूसरे को रंगों से सराबोर कर दिया। कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने शिविर लगाकर शोभायात्रा का स्वागत किया। भक्तों ने मां पर पुष्प वर्षा कर आरती भी उतारी।


