भारत-पाक सरहद पर बसी सिद्धों की तपोभूमि ख्याला मठ में ईश्वर की भक्ति के साथ ही पर्यावरण के संरक्षण का भी संदेश दिया जा रहा है। मठाधीश महंत गोरखनाथ है। ख्याला मठ के मंदिर के पास 5 बीघा जमीन पर नीम, कनेर, गुलमोहर प्रजाति के पौधे पनपाए जा रहे हैं। ख्याला मठ के मोतीनाथ ने बताया कि मठ के पास स्थित जमीन पर 1000 पौधों को जुलाई 2024 में लगाया गया था। एक साल से इन पौधों को पनपाया जा रहा है। मठ के मोतीनाथ ने बताया कि रेगिस्तानी इलाके में थारपारकर गोवंश को बढावा देने के लिए मठ समिति द्वारा 1500 गोवंश की गौशाला संचालित की जा रही है। इसमें 1000 गाय, 300 बैल तथा 200 बछड़े हैं।


