भगवान महाकाल को अब नहीं चढ़ेगी भारी भरकम फूलमाला:प्रशासक ने 1 जनवरी से प्रतिबंध लगाया, 500 से 2100 रुपए तक बिकती थी

श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिवलिंग पर भारी भरकम चढ़ने वाली फूल माला (अजगर माला) और मुण्डमाल पर मंदिर समिति ने प्रतिबंध लगा दिया है। एएसआई और जीएसआई की गाइड लाइन का ध्यान रखते हुए करीब 10 किलो से अधिक वजनी मालाओं पर शिवलिंग क्षरण रोकने के लिए मंदिर समिति ने ये फैसला किया है। 1 जनवरी से कोई भी भक्त भगवान महाकाल को 10 से 15 किलो वजनी माला अर्पित नहीं कर सकेंगे। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 1 जनवरी 2026 से भगवान महाकाल को चढ़ने वाली फूलों की बड़ी व भारी माला अर्पित करने पर रोक लगा दी है। मंदिर प्रशासक के आदेश के बाद आगामी नए वर्ष के पहले दिन से इसे पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
इसके लिए अभी महाकाल मंदिर परिसर में उद्घोष हो रहा है कि भगवान के लिए अजगर माला नहीं खरीदें। साथ ही कक्ष से भक्तों को नए नियम की जानकारी देने के लिए लगातार उद्घोषणा भी की जा रही है। मंदिर के आसपास फूल प्रसाद की दुकान संचालित करने वाले व्यवसायियों को मंदिर समिति ने बता दिया है कि फूलों की भारी व बड़ी माला ना तो बनाए और न ही विक्रय करे। भक्त पुजारी काे देते थे चढ़ाने के लिए
500 से 2100 रुपए तक बिकने वाली इन अजगर मालाओं को भक्त खरीद कर शिवलिंग को अर्पित कर रहे थे। भक्त पुजारी को देते और पुजारी भगवान महाकाल को पहना देते थे। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि महाकाल मंदिर के शिवलिंग पर चढ़ने वाले भारी अजगर माला पर आगामी एक जनवरी से प्रतिबंधित कर दिया है। 500 से 2100 रुपए में मिलती 10 माला
पिछले कुछ वर्षों से महाकाल मंदिर के बाहर फूलों की दुकान पर 500 से 2100 रुपए में मिलने वाली अजगर माला को भक्त खरीदकर भगवान को अर्पित कर रहे थे। ये माला फूलों की मोटी व बड़ी माला होती है, जिनका 10 से 15 किलो तक होता था।
नया नियम लागू होने के बाद मंदिर के विभिन्न द्वारों पर तैनात गार्ड भक्तों द्वारा भगवान को अर्पण करने के लिए लाई जा रही पूजन सामग्री की जांच करेंगे। बड़ी व भारी फूल माला को गेट पर ही अलग रखवा दिया जाएगा। क्षरण रोकने के लिए किए उपाय
सुप्रीम कोर्ट ने ज्योतिर्लिंग महाकाल के क्षरण की जांच तथा उसे रोकने के उपाय करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की टीम गठित की थी। विशेषज्ञों ने ज्योतिर्लिंग की सुरक्षित रखने के लिए कई सुझाव दिए। इसमें एक सुझाव भगवान महाकाल को फूलों की छोटी माला तथा समिति मात्रा में फूल अर्पण का था। ये खबर भी पढ़ें… भीड़ नियंत्रण के लिए 12 दिन भस्म-आरती ऑनलाइन बुकिंग बंद अगर आप नव वर्ष पर महाकालेश्वर मंदिर दर्शन की योजना बना रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है। महाकाल मंदिर समिति ने 25 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद कर दी है। इस दौरान केवल ऑफलाइन बुकिंग के आधार पर ही भस्म आरती में शामिल हुआ जा सकेगा। पूरी खबर पढ़ें महाकाल मंदिर में लागू होगा ड्रेस कोड महाकालेश्वर मंदिर में अब कर्मचारियों के साथ-साथ पुजारी, पुरोहित और उनके प्रतिनिधि भी एक जैसी ड्रेस में नजर आएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने यह अहम फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *