दुर्गापुर से घूमने आया एक परिवार रविवार को धनबाद स्थित मुनीडीह के भटिंडा फॉल की तेज धार में बह गया। पिता, पुत्र और बहू तीनों बहते हुए काफी दूर तक चले गए। हालांकि, पास में ही मौजूद गोताखोरों की टीम जान जोखिम में डालकर तीनों को बचा लिया। परिवार कार से यहां पहुंचा। कार को पार्क कर तीनों झरने के करीब पहुंचे। सुरक्षा घेरे को पार कर आगे बढ़ गए। खूबसूरत नजारों का आनंद उठाते हुए फोटो सेल्फी लेने लगे। उसी दौरान युवक का पैर फिसला और वह पानी में बहने लगा। बचाने के लिए उसकी पत्नी आगे बढ़ी, लेकिन वह भी तेज धार में आकर बहने लगी। तीनों झरने के पास से बहते हुए गहरे पानी में चले गए यह देख युवक के पिता और कार के चालक ने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे दोनों भी फिसल गए। चालक ने तुरंत ही खुद को संभाल लिया, लेकिन बाकी तीनों झरने के पास से बहते हुए गहरे पानी में चले गए। चाल और वहां मौजूद अन्य लोग मदद के लिए शोर मचाने लगे। वाहन पार्किंग के पास मौजूद गोताखोर लखीराम बाउरी, मनोरंजन बाउरी और नीतीश भागते हुए पानी में कूद पड़े। सांसें सामान्य होने के बाद वे चालक के साथ कार से चले गए युवक के पिता 100 मीटर बहने के बाद खुद से ही किनारे लग गए। उनकी पुत्रवधु को गोताखोरों ने करीब 200 मीटर आगे पानी से निकाला। उससे 100 मीटर आगे युवक को भी बचा लिया। तीनों को बदहवास हाल में ऊपर लाया गया। वहां वे करीब 15 मिनट तक हैरान-परेशान बैठे रहे। सांसें सामान्य होने के बाद वे चालक के साथ कार से चले गए।
लोगग वीडियो बनाते रहे, रस्सी-ट्यूब नहीं फेंका फॉल के पास समिति की ओर से कुछ रस्सी और ट्यूब का भी इंतजाम किया गया है, ताकि आपात स्थिति में किसी डूबते को बचाया जा सके। दुर्गापुर का परिवार जब पानी में बहने लगा, तो कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाने में लगे रहे। लोगों ने मदद के लिए शोर तो मचाया, पर किसी को रस्सी और ट्यूब फेंकने का ध्यान नहीं रहा।


