मूवी बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी की उदयपुर कोर्ट में शनिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। जज के छुट्टी पर होने से उनकी सुनवाई अब सोमवार तक आगे टल गई। 2 दिन बाद सोमवार को एडीजे 3 कोर्ट में उनकी जमानत पर सुनवाई होगी। एसीजेएम कोर्ट-4 से शुक्रवार को जमानत खारिज होने पर उनके वकील ने सेशन कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। इस पर शनिवार को सुनवाई होनी थी। इससे पहले एसीजेएम कोर्ट-4 जज ने अपने जमानत को खारित करते हुए कहा था कि जमानत दिए जाने से गवाह प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही बीएनएस की धारा-338 का मामला होने से गैर जमानती है। याचिका खारिज किए जाने का बड़ा कारण यह भी था। हालांकि कोर्ट ने दो दिन तक याचिका पर सुनवाई की, इसके बाद आदेश सुरक्षित रखा था। पढ़िए, आखिर क्या है पूरा मामला
राजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट से फिल्म बनाने के लिए 42 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट किया था। धोखाधड़ी का एहसास होने पर 17 नवंबर को विक्रम भट्ट सहित 8 लोगों के खिलाफ उदयपुर में FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद उदयपुर पुलिस ने भट्ट के को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी व फर्जी वेंडर संदीप को मुंबई से पकड़ा था। 7 दिसंबर को फ्लैट से हुए थे गिरफ्तार वहीं, विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को 7 दिसंबर को मुंबई के उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था। दोनों को 9 दिसंबर को उदयपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर बेंच) में 9 दिसंबर को विक्रम भट्ट की गिरफ्तारी पर रोक की याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस सुनवाई में राजस्थान हाईकोर्ट ने भट्ट दंपती की गिरफ्तारी में जल्दबाजी का रुख अपनाने पर आईजी, एसपी और जांच अधिकारी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था।


