भास्कर न्यूज | इटखोरी झारखंड के विख्यात तीर्थ नगरी मां भद्रकाली मंदिर से फूल प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों की एक श्रद्धालु के साथ दबंगई करने का मामला वायरल वीडियो के जरिए प्रकाश में आया है। जो वीडियो खूब वायरल हुआ है, जिसका चर्चा भी जोरों पर है। उस वीडियो पर सोशल साइट में रिएक्शन भी खूब हो रहा है। यह घटना शनिवार की है। जिसमें मंदिर आए एक श्रद्धालु के साथ प्रसाद बेचने वाले दुकानदार बदसलूकी कर रहे हैं। श्रद्धालु अपना चार पहिया वाहन रोड के किनारे लगाकर पूजा करने जा रहा था। इसपर प्रसाद बेचने वाले ने उनसे कहा कि गाड़ी यहां नहीं लगाने देंगे। जबकि श्रद्धालु ने गाड़ी ठीक ही जगह पर लगाई थी। फिर भी दुकानदार उन्हें गाड़ी हटाने को लेकर बहस करते रहे और धमकी दी। हालांकि अब ये मामला तूल पकड़ लिया है। जहां वायरल वीडियो के आधार पर इटखोरी पुलिस ने एक्शन मूड में आ गई है। इसकी शिकायत भी जिले के आला अधिकारियों के पास किया गया है। जिसे लेकर चिन्हित मंदिर के दो दुकानदारों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र के प्रिंट मीडिया के एक पत्रकार 19 अप्रैल को भद्रकाली में मंदिर अपने परिवार के साथ पूजा-अर्चना करने आए थे। जहां पूरा परिवार के साथ वे मंदिर में दर्शन व पूजा करने के लिए मंदिर के बाहर रोड किनारे अपने चार पहिया वाहन को खड़ा करके मंदिर जा रहे थे। तभी प्रसाद बेचने वाले दो भाइयों ने चौपारण से आए पत्रकार श्रद्धालुओं के साथ दबंगई करने लगे। जिनका कहना था कि यहां गाड़ी नहीं लगने देंगे। श्रद्धालु प्रसाद बेचने वाले दोनों भाइयों से आग्रह करते रहे कि हम 10 से 15 मिनट में पूजा करने के बाद अपनी गाड़ी को यहां से हटा लेंगे। लेकिन प्रसाद बेचने वाले दोनों भाइयों ने श्रद्धालु की एक नहीं सुनी और बुरा भला कहा। पूरे माजरे को श्रद्धालु ने अपने मोबाइल में कैद कर वीडियो वायरल कर दिया। इस वीडियो को कई श्रद्धालुओं ने भी वायरल किया है। इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक सिंह ने कहा कि हमें जानकारी मिली की भद्रकाली मंदिर में आए श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद बेचने वाले दो भाइयों ने गुंडागर्दी की है। जिसके सूचना पाकर हमने दोनों भाइयों को अपने हिरासत में ले लिया है और पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मंदिर के लिए यह अशोभनीय कार्य है ; प्रबंधन समिति घटना से मर्माहत मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य और न्यास समिति के सदस्यों ने कहा है कि यहां के फूल प्रसाद बेचने वाले 8-10 दुकानदारों का यही रवैया है। जो धार्मिक और सार्वजनिक स्थल के लिए अशोभनीय है। उन्होंने कहा कि मंदिर आए छोटे-बड़े वाहनों को ये दुकानदार अपनी दुकान में प्रसाद लेने के लिए अपने दुकान के बगल में वाहन लगाने के लिए रोड पर चढ़ जाते हैं। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।


