भरतपुर प्रशासन ने कहा है कि आरबीएम अस्पताल विस्तार के लिए आसपास ही 25 हजार वर्ग मीटर जमीन चिह्नित कर दी गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह जमीन कहां होगी। यानी सेक्टर 10 में होगी या आसपास किसी और जगह, यह स्पष्ट नहीं किया है। इधर, जारी किए गए नक्शे में यह तो बताया है कि सेक्टर 10 में 25 हजार वर्ग मीटर जमीन फेसिलिटी एरिया के लिए रिजर्व है, लेकिन उसे सुविधाओं और पार्किंग के उपयोग का बताया है। वहीं, जनाना अस्पताल और ट्रोमा सेंटर के लिए मेडिकल कॉलेज के पास एसपीजेड योजना में 19176.68 वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है। गौरतलब है कि दैनिक भास्कर ने 22 जनवरी के अंक में खुलासा किया था कि ‘ जिस जमीन पर आरबीएम के कॉटेज और कैंसर वार्ड बनना था अब वहां कटेंगे प्लॉट ’। अब प्रशासन का कहना है कि नीलामी नहीं हो रही, लेकिन केवल सुविधा क्षेत्र की बीडीए सचिव ने जो जानकारी सार्वजनिक की है, उसमें यह कहा है कि कोई नीलामी नहीं हो रही, लेकिन साथ में लिखा है कि सेक्टर 10 में 25 हजार वर्गमीटर का सुविधा क्षेत्र नीलामी से बाहर है। बाकी जगह की नीलामी होगी या नहीं, यह जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि भरतपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अन्य विक्रय योग्य क्षेत्र में कार्य करवाये जा रहे हैं। जिसमे समस्त पात्र व वंचित खातेदारों को भूमि के बदले भूमि देने जाने की कार्यवाही की जा रही है। पूर्व सीएम ने किया विरोध भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अस्पताल के लिए रिजर्व जमीन का व्यापार करने की बजाय अस्पताल को ही देने की वकालत की। {इसी जमीन को रिजर्व किया था… अस्पताल के लिए बीडीए जिस 25 हजार वर्गमीटर जमीन को फेसिलिटी क्षेत्र बता रहा है, उसे तत्कालीन नगर विकास न्यास ने 31 दिसंबर 2021 को जारी पत्र के अनुसार ट्रोमा सेंटर, आबीएम के विस्तार और अन्य मेडिकल उपयोग के लिए रिजर्व घोषित किया था। जिसे खाली जमीन बताया- वहां बने पक्के मकान बीडीए ने जिस 25 हजार वर्ग मीटर को नक्शे में खाली बताया है, वहां अभी पक्के मकान बने हुए हैं। वहां रह रहे लोगों ने बताया कि उनका परिवार कई दशकों से रह रहा है। यही नहीं, बीडीए की ओर से जारी नक्शे में ही वहां पूरी कॉलोनी बसी है।


