भरतपुर में टॉर्च की रोशनी में अंतिम संस्कार:श्मशान में लाइट नहीं थी, मोबाइल की रोशनी में बनाई चिता, आयुक्त ने माफी मांगी

भरतपुर में टॉर्च की रोशनी में एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करना पड़ा। श्मशान के हालात ये थे कि गेट से लेकर अंदर तक एक भी लाइट नहीं लगी थी। मामला शहर के काली बगीची स्थित श्मशान का है। हालात ये थे कि अंतिम क्रिया के लिए भी परिवार के लोगों को मोबाइल की रोशनी में सामान इकट्ठा करना पड़ा। हालांकि देर शाम नगर निगम आयुक्त ने स्ट्रीट लाइट नहीं जलने पर माफी मांगी और कहा कि ऐसी घटना फिर नहीं होगी। सभी लाइटों को ठीक कर दिया गया है। पहले देखिए- श्मशान में अंतिम संस्कार की 3 तस्वीरें मंगलवार शाम को हुआ था निधन शहर के चार बाग में रहने वाले 92 साल जगदीश प्रसाद सिंघल का निधन मंगलवार शाम को 5 बजे हुआ था। मृतक के बेटे सुनील कुमार ने बताया कि रात 8:30 बजे अंतिम यात्रा श्मशान पहुंची थी। वहां पहुंचे तो पता चला कि लाइट नहीं है। अंधेरे में ही हम अंदर तक गए। इस दौरान कुछ लोगों को ठोकर भी लगी क्योंकि लाइट नहीं होने की वजह से कुछ नहीं दिख रहा था। अंदर गए तो जानकारी में आया कि वहां पर भी लाइट नहीं है। इसके बाद मोबाइल टॉर्च की रोशनी में सामान को शामिल किया। घर से मंगवाई इमरजेंसी लाइट मृतक के भतीजे लोकेश ने बताया कि वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में अंतिम संस्कार का प्रयास किया लेकिन रोशनी पर्याप्त नहीं थी। ऐसे में घर से इमरजेंसी लाइट मंगवाई और अंतिम संस्कार किया गया। बेटे सुनील ने बताया कि लाइट नहीं होने की वजह से काफी परेशानी हुई। हम वहां से रात करीब 11:30 बजे निकल पाए। परिवार के लोगों का कहना था- काली की बगीची श्मशान में कहीं भी लाइट की व्यवस्था नहीं है। प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं देता। देर रात में शव का अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों को इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। जगदीश के चार बेटे थे। जिसमें से 2 की मौत हो गई। उनके नाम राजेश कुमार और अनिल कुमार की मौत हो गई। बाकी दो बेटे सुनील कुमार की क्रॉकरी की दुकान है और अजय कुमार की रंग पेंट की दुकान है। आयुक्त बोले- मैं क्षमाप्रार्थी, फिर नहीं होगी ऐसी घटना
नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने बताया- श्मशान में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है, लेकिन किसी स्ट्रीट लाइट में फॉल्ट गया था। इसकी जानकारी हमें मिली नहीं थी। सुबह जैसे ही मैंने वीडियो देखा तो, स्ट्रीट लाइट सही करवा दी गई है। उन्होंने कहा- श्मशान के लिए जो भी संचालन समिति या मैनेजर है, उन्हें हमें बताना चाहिए था कि स्ट्रीट लाइट खराब हो गई है। मैं इस पूरी घटना के लिए जनता से क्षमा प्रार्थी हूं, ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। अब वहां कोई परमानेन्ट व्यक्ति की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिससे प्रॉपर देखरेख हो सके।

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