कामगार सेवा संस्थान की बैठक बुधवार को हजारीमल छिपा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में भरत डी छिपा को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कामगार समाज की 12 जातियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी प्रतिनिधियों की सहमति से भरत डी छिपा को राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया गया। नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत डी छिपा ने संगठन को मजबूत करने और कामगारों के हितों के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सर्व समाज के प्रतिनिधियों से एकजुट होने की अपील की। छिपा ने कहा कि ईमानदारी से मेहनत कर आधुनिक विश्व का निर्माण करने वाले भगवान विश्वकर्मा के वंशज कामगार लोग हैं। उन्होंने नवभारत के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाई है, लेकिन समाज की भावी पीढ़ी बेरोजगारी, असुरक्षा और अशिक्षा के कगार पर खड़ी है। उन्होंने वर्तमान में फैले भ्रष्टाचार, जातिवाद, क्षेत्रवाद और पश्चिमी भावना के जहर से बचने और अपने अस्तित्व को बचाने के लिए समस्त कामगार समाज को संगठित होने का आह्वान किया। भविष्य की विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी कामगार जातियों के प्रमुख लोगों ने एकजुट होने का संकल्प लिया है। समस्त कामगारों के हित और उत्थान के लिए कामगार सेवा संस्थान राष्ट्रीय की नींव रखी गई। इस बैठक में शंकरलाल पटेल, शंकरलाल प्रजापत, मदन मालवीय, डॉ. राजेश मालवीय, जगदीश सैन, रमेश मिस्त्री, नारायण सुथार, दलाराम सुथार, विक्रम पटेल, अरविंद प्रजापत, रतन लाल पटेल, जितेंद्र प्रजापत, कांतिलाल सैन, ललित प्रजापत, भरत सोनी सहित सैकड़ों प्रमुख नागरिकों ने भाग लिया और राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा पर सहमति दी।


