राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों के ड्रेस कोड में किए गए बदलाव को लेकर विवाद शुरू हो गया है। कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा किए गए बदलाव को लेकर अभ्यर्थी सोशल मीडिया पर इसका विरोध कर रहे हैं है। वहीं, अभ्यर्थियों को बोर्ड अध्यक्ष ने फिल्मी अंदाज में चेतावनी भी जारी की है। ड्रेस कोड में किए गए संशोधन को लेकर कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने ट्वीट कर बताया उन्हें भी कर्मचारी चयन बोर्ड के अधिकारी ने कहा कि संशोधन से अभ्यर्थी अब पजामे के नाड़े में कारतूस छुपा कर लेकर आएंगे। जिस पर उन्होंने लिखा कि मुझे नहीं लगता ऐसा होगा। अगर कोई ऐसा करने की सोच भी रहा होगा। वह यह याद रखें ऐसा करने पर उसे हवालात की सेर और चक्की पीसिंग एंड पीसिंग एंड पीसिंग करना पड़ेगा। इसके साथ ही कम से कम 10 साल हवालात में रहना पड़ेगा। दरअसल, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने सोमवार को बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षा में मेटल की जीप और चैन लगे कपड़ों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया। इसके साथ ही पुरुष अभ्यर्थियों को कुर्ता और पजामा पहन भर्ती परीक्षा में शामिल होने की रियायत दी थी। इसके खिलाफ बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू कर इसमें बदलाव की मांग की थी। अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई अध्यक्ष आलोक राज के इस ट्वीट पर कुछ अभ्यर्थियों ने जवाब देते हुए शब्दों की गरिमा का ध्यान रखने की बात कही। जबकि कुछ अभ्यर्थियों ने पत्तों से बने कपड़ों की फोटो शेयर कर ड्रेस कोड में बदलाव करने की मांग रखी। अंडर गारमेंट्स में भी चीटिंग मटेरियल रखकर लाते हैं लोग कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा कि कुछ लोग पजामे के नाडे में ही नहीं बल्कि, अंडर गारमेंट्स में भी चीटिंग मटेरियल रखकर लाते हैं। वैसे भी नाड़ा तो पुरुषों के परिधान का ही हिस्सा है। लोगों को तो खुश होना चाहिए कि अब बोर्ड की परीक्षाओं में भारतीय वेशभूषा में भी हिस्सा ले सकेंगे। लेकिन कुछ लोग बेवजह विवाद पैदा करना चाह रहे हैं।


