भांकरोटा अग्निकांड:माफ करो माननीयो! बर्न आईसीयू में सियासी सांत्वना का ‘संक्रमण’ मत फैलाओ

भांकरोटा अग्निकांड में झुलसे 30 पीड़ित जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। 9 वेंटिलेटर पर हैं यानी गंभीर संक्रमण से तड़प रहे हैं। डॉक्टर दवा कर रहे हैं। हमें दुआ करनी है। हादसे के दूसरे दिन शनिवार को एसएमएस सियासी सांत्वना का केंद्र बना रहा। एक दर्जन से ज्यादा प्रतिनिधि एसएमएस में पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे। इनमें से कांग्रेसी नेता सचिन पायलट और भाजपा सांसद राव राजेंद्र सिंह, विधायक अभिमन्यू पूनियां और मनीष यादव सहित कई बर्न वार्ड के आईसीयू तक पहुंच गए। हैरत है कि एसएमएस प्रशासन तक ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। सियासत नहीं जानती मगर डॉक्टर तो जानते हैं कि बर्न वार्ड में इंसानी प्रवेश से फैलने वाला मेथिसिलिन-प्रतिरोधी स्टैफिलोकोकस ऑरियस, वैनकॉमाइसिन-प्रतिरोधी एंटरोकोकस, स्यूडोमोनास, एसिनेटोबैक्टर, गैर-एल्बिकेंस कैंडिडा एसपीपी और एस्परगिलस कितना खतरनाक है? भास्कर Expert- प्रकाश काला, एडिशनल प्रोफेसर, बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी, एम्स, नई दिल्ली इसलिए खतरनाक; जलने से संक्रमण को रोकने वाला स्टैफ बैक्टीरिया खत्म हो जाता है “सख्त निर्देश दिए थे कि कोई भी व्यक्ति आईसीयू में नहीं जाए। दिया कुमारी, वासुदेव देवनानी, मदन राठौड़, राज्यवर्धन बाहर ही रहे। हमारी उपस्थिति में कोई भी आईसीयू में नहीं गया। संभव है कि अन्य किन्हीं को स्टाफ नहीं रोक पाया हो।”
-डॉ. सुशील भाटी, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल

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