हनुमानगढ़ में जल संसाधन विभाग के भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खंड ने रबी फसलों की सिंचाई के लिए भाखड़ा प्रणाली की नहरों का साप्ताहिक वरीयताक्रम जारी कर दिया है। यह व्यवस्था 19 से 27 फरवरी तक लागू रहेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस निर्धारित क्रम के तहत प्रत्येक नहर को आठ दिन तक पूर्ण क्षमता से चलाया जाएगा, जिसके बाद उसे बंद कर दिया जाएगा। जारी वरीयताक्रम के अनुसार लोंगवाला नहर में 240 क्यूसेक, पीलीबंगा में 455 क्यूसेक, अमरपुरा में 595 क्यूसेक, रोड़ांवाली में 608 क्यूसेक और नवां-सतीपुरा में 619 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। मोरजण्डा में 832 क्यूसेक, प्रतापपुरा में 962 क्यूसेक, नाथवाना में 993 क्यूसेक, रतनपुरा में 1005 क्यूसेक तथा मोडिया में 1165 क्यूसेक पानी प्रवाहित होगा। इसी क्रम में सूरतपुरा में 1174 क्यूसेक, दीनगढ़ में 1187 क्यूसेक, हरिपुरा में 1200 क्यूसेक, मम्मड़खेड़ा में 1395 क्यूसेक और जोड़कियां में 1475 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। सूरतगढ़ में 1595 क्यूसेक, भगतपुरा में 1633 क्यूसेक, संगरिया में 1639 क्यूसेक, नगराना में 1647 क्यूसेक, लीलांवाली में 1887 क्यूसेक और भाखरांवाली में 1892 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। करनीसिंह नहर में सर्वाधिक 2222 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पानी की उपलब्धता में उतार-चढ़ाव के आधार पर इस वरीयताक्रम में आवश्यकता पड़ने पर बदलाव किया जा सकता है। इस संबंध में भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खंड और जल संसाधन खंड प्रथम एवं द्वितीय के अधिशासी अभियंताओं से विचार-विमर्श के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। वास्तविक जल प्रवाह संबंधित अधिशासी अभियंता की मांग के अनुसार निर्धारित किया जा रहा है।


