भास्कर न्यूज | गिरिडीह जमुआ प्रखंड के मदनूटांड़ ( दुम्मा) में आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद्देवी भागवत कथा के पहले दिन बुधवार की देर शाम व्यास पीठ से कथा वाचन करते हुए आचार्य मदन मोहन पांडेय ने संगीतमय कथा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि कहीं माया का काम मोह में फंसा देना है। माया से मुक्त होने के लिए महामाया के शरण में जाना पड़ता है। संसार का सबसे कठिन कार्य भागवत भजन, सत्संग करना और सुनना है। भागवतीय कार्य में मन लग जाएं तो समझों बड़ी कृपा हैं। भावना में भाव है तो वह मद से बेड़ा पार हैं। वहीं ज्ञान संसार सागर से पार लगा देता हैं। हर सुख के पीछे दुःख छुपा हुआ है। श्री शत चंडी महायज्ञ सह प्राण- प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कथा सत्र में पराम्बा मातृ चरित्र पर चर्चा करते हुए कहा कि भजन का परिणाम भोग नहीं,भगवान हैं। सिद्धि के लिए साधना की आवश्यकता पड़ती है। चित को परिवर्तन के लिए कथा होना चाहिए। पराम्बा की विशेष कृपा होने के बाद ही उनके दिव्य तत्व को समझा जा सकता है। पराम्बा चरित्र श्रवण करने को मिल जाएं तो यह अत्यंत दुर्लभ है। पराम्बा श्री जगदम्बा जी के पवित्र आख्यानों से युक्त इस पुराण में वर्णित श्लोकों की सुरम्य प्रस्तुति के बीच अपनी संगीतमय भजनों “हां मैं हूं अपराधी पर तुम दयामयी हो मां”, “हमारो धन राधा श्रीराधा”, “अब सौंप दिया इस जीवन के भार तुम्हारे हाथों में, मां कृपा करो”…आदि की प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह भक्ति भाव के सागर में गोते लगाते रहें। इससे पहले यज्ञमान ठाकुर महतो व उनकी धर्मपत्नी गायत्री देवी ने श्रीमद् देवी भागवत,व्यास पीठ, व्यास जी व आचार्य पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ करते हुए मंगल आरती किया। मंगल आरती को लेकर भक्त – श्रद्धालुओं की भारी संख्या उमड़ी थीं। मौके पर मुख्य रूप से आयोजन कमिटी के डॉ अनिल कुमार, सुनील कुमार,विनोद वर्मा, मणिकांत वर्मा,पंकज कुमार दीपक कुमार , श्रीकांत वर्मा ,राजेंद्र वर्मा ,अजय कुमार वर्मा ,संतोष वर्मा, विजय कुमार, महेंद्र रविदास ,मुकेश दास ,करण दास ,बालेश्वर दास ,रामू कुमार, राजू कुमार ,दीपक कुमार वर्मा, वार्ड सदस्य चंचला कुमारी सुगनी देवी ,मनिषा कुमारी ,मंजु कुमारी ,अंजु देवी ,संगीता कुमारी , अनिता कुमारी ,उषा सहित कई अन्य लोग मौजूद थे। कथा प्रस्तुत करते आचार्य।


