भागीरथपुरा दूषित पानी के मामले में मंगलवार को डायरिया के 5 मरीज सामने आए। हालांकि गंभीर नहीं होने से उन्हें सामान्य ट्रीटमेंट ही दिया गया। अस्पताल में एडमिट मरीज 39 से घटकर 33 हो गए हैं। इनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें से तीन मरीज लंबे समय से वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत में खास सुधार नहीं हुआ है। जो मरीज वेंटिलेटर पर हैं उनके नाम एकनाथ सूर्यवंशी, पार्वतीबाई और हीरालाल हैं। तीनों ही बुजुर्ग हैं। अन्य मरीजों की हालत में कुछ सुधार है। इस मामले में अब तक 436 मरीज एडमिट हुए। इनमें से 23 की मौत हो गई जबकि 403 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के 187 सदस्यों ने यहां सर्वे किया। महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जांचें की गई। ब्लड प्रेशर, शुगर और एनीमिया की जांचें भी की गई। पिछले तीन दिनों में कुल 16208 नागरिकों की जांच की गई। इसमें 278 लोगों को हाई ब्लड प्रेशर और 161 लोग डायबिटीज के मिले। आशा कार्यकर्ताओं ने रहवासियों को समझाइश दी कि पानी को उबाल कर ही पीएं और यदि उपचार चल रहा है तो दवाइयों का डोज पूर्ण करें। शाम को टेस्टिंग के लिए आधा घंटा हुआ वाटर सप्लाय
पिछले दिनों एसीएस नीरज मंडलोई द्वारा भागीरथपुरा मामले में बैठक लेने के बाद मंगलवार को वाटर सप्लाय शुरू कर सैंपल लिए जाने थे लेकिन दिनभर यह नहीं हो सका। हालांकि अलसुबह निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल भागीरथपुरा पहुंच गए थे और टीम को दिशा-निर्देश भी दिए थे। दिनभर इसका कारण स्पष्ट नहीं हुआ। टीम ने बताया कि मुख्य पाइप लाइन से अभी कुछ कनेक्शन काटे जाना है। शाम 6.30 बजे फिर टंकी से वाटर सप्लाय शुरू हुआ। इसकी आपूर्ति भागीरथपुरा नई बस्ती में हुई। हालांकि यह सप्लाय लीकेज चेक करने और सैंपल को लेकर था। इस पर लोगों ने पानी नहीं भरा। इस दौरान नई बस्ती क्षेत्र से ही अलग-अलग स्थानों से 10 सैंपल लिए गए। इसमें क्लोरिन की मात्रा स्टैंडर्ड मिली। इसकी रिपोर्ट दो दिन बाद मिलेगी। पहली जल सुनवाई में तीन शिकायतें
उधर, मंगलवार को भागीरथपुरा जोन की पहली जल सुनवाई में रहवासियों द्वारा तीन शिकायतें क्षेत्र में टैंकर नहीं आने को लेकर की। इस पर उन्हें बताया गया कि अभी पाइप लाइन खुदाई के कारण टैंकर अंदर आना संभव नहीं है। उन्हें मुख्य मार्ग पर आकर पानी भरने की सलाह दी गई। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में बदबूदार, झाग और कीड़े वाले पानी की सप्लाई इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 23 मौत हो चुकी है। अभी 39 मरीज एडमिट हैं, जिनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें भी तीन वेंटिलेटर पर हैं। लगातार हो रही मौतों को लेकर अभी भी क्षेत्र में दहशत है। अब यहां टैंकरों से पानी दिया जा रहा है।पढे़ं पूरी खबर…


