भास्कर न्यूज | अमृतसर पूर्व सांसद और पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष इंजीनियर श्वेत मलिक ने भारत के उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से दिल्ली में सप्रेम भेंट की। उन्होंने कहा कि श्री राधाकृष्णन का व्यक्तित्व सेवा, समर्पण और सादगी का प्रतीक है, जिन्होंने जनसेवा को सदैव अपने जीवन का ध्येय माना है। श्वेत मलिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए नेतृत्व द्वारा श्री राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका दीर्घ राजनीतिक व प्रशासनिक अनुभव देश के सर्वोच्च सदन की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री राधाकृष्णन की वैचारिक प्रतिबद्धता और प्रखर बौद्धिकता उन्हें इस पद के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। उल्लेखनीय है कि 68 वर्षीय सीपी राधाकृष्णन किशोरावस्था में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और वैचारिक प्रेरणा के साथ राजनीति में सक्रिय रहे। वे 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सदस्य चुने गए और कई संसदीय समितियों में अहम भूमिका निभाई। झारखंड और महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी उन्होंने अपने प्रशासनिक कौशल की छाप छोड़ी है। भेंट के दौरान श्वेत मलिक ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन का मनोबल गिरा है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। नशा, रेत, भूमि और गैंगस्टर माफिया के दबाव में सरकार काम कर रही है, जिससे आम जनता भय के माहौल में जीने को मजबूर है। मलिक ने राज्य पर बढ़ते कर्ज और करों में वृद्धि पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बेतहाशा उधारी पंजाब को आर्थिक संकट की ओर धकेल रही है, जबकि बुनियादी ढांचे और सेवाओं में कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा। श्वेत मलिक ने उपराष्ट्रपति से आग्रह किया कि पंजाब में जनता की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं।


